दैनिक भास्कर हिंदी: Death anniversary: 'ड्रीम गर्ल' हेमा मालिनी पर फिदा थे संजीव कुमार, जिंदगी भर रहे कुंवारे

November 6th, 2017

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बॉलीवुड में 'हरिभाई' के नाम से प्रसिद्ध एक्टर संजीव कुमार की आज पुण्यतिथि है। उनका पूरा नाम हरिहर जेठालाल जरीवाला था। आज के ही दिन 6 नवंबर 1985 में 47 साल की उम्र में ही संजीव कुमार का निधन हो गया था। इस दिन बॉलीवुड ने एक ऐसे सितारे को खोया था, जो अपने अभिनय से फिल्म में जान डाल देता था। एक अलग तरीके के संवाद अदायगी से किरदार में जान फूंक देने वाले संजीव कुमार की कमी बॉलीवुड में शायद कभी पूरी नहीं की जा सकती है।

संजीव कुमार सूरत के गुजराती परिवार में जन्मे थे, बाद में उनका मुंबई आकर बस गया था। कहा जाता है कि संजीव कुमार को बचपन से ही फिल्में देखने का बड़ा शौक था। उतना ही उन्हें खाने का भी शौक था। अपनी सारी पॉकेटमनी वे फिल्में देखने के लिए खर्च कर देते थे। यही वजह रही कि बड़े होते होते उनका रूझान एक्टिंग की ओर बढ़ा और उन्होंने एक्टिंग कोर्स में दाखिला ले लिया। इप्टा से जुड़कर उन्होंने थिएटर की बारिकियां सीखीं। इसके बाद संजीव कुमार भारतीय राष्ट्रीय रंगमंच से भी जुड़े, बता दें कि 22 साल की उम्र में ही उन्होंने एक बूढ़े व्यक्ति का किरदार निभाया।

फिल्म 'खिलौना' ने दिलाई अलग पहचान

संजीव कुमार की पहली फिल्म 'हम हिंदुस्तानी' (1960) थी। उन्होंने 'निशान' (1965), 'बादल' (1966), 'शिखर' (1968), 'अनोखी रात' (1968), 'दस्तक' (1970), 'मन मंदिर' (1971), 'कोशिश' (1972), 'मनचली' (1973), 'अनामिका' (1973), 'आप की कसम' (1974), 'उलझन' (1975), 'पापी' (1977), 'त्रिशूल' (1978), 'नौकर' (1979) सहित कई फिल्मों में अपने अभिनय से लोगों का दिल जीता। संजीव कुमार ने कई गुजराती फिल्में भी की, 1970 में 'खिलौना' फिल्म में उनके अभिनय को जबरदस्त सराहना मिली। अगले ही साल ए के हंगल द्वारा निर्देशित नाटक 'दमू ' में संजीव कुमार ने फिर से छह बच्चों के साथ 60 वर्षीय व्यक्ति की भूमिका निभाई। उन्होंने कोशिश (1 973), अन्धी (1 975), मौसम (1 975), अंगूर (1 981) और नमकेन (1 9 82) सहित गुलजार के साथ करीब 9 फिल्मों में अभिनय किया। इसके बाद ऋषिकेश मुखर्जी ने उन्हें 'अर्जुन पंडित' में निर्देशित किया। 1 9 80 में, उन्होंने पंजाबी फिल्म 'फौजी चाचा' में भी अभिनय किया, इस फिल्म का भोजपूरी में भी रीमेक किया गया है।

 

इन फिल्मों के लिए मिले अवार्ड

फिल्म 'कोशिश' में एक बहरे और गूंगे आदमी के किरदार के लिए संजीव कुमार को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का बीएफजेए पुरस्कार मिला। इसी भूमिका के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवार्ड भी मिला। फिल्म आंधी के लिए भी उन्हें फिल्मफेयर अवार्ड मिला। बांग्ला फिल्मों ने दिग्गज निर्देशक सत्यजीत रे ने अपनी एकमात्र हिंदी फिल्म 'शतरंज के खिलाड़ी' के लिए संजीव कुमार को ही चुना।

ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी पर फिदा थे संजीव कुमार

संजीवु कमार ने अपने फिल्मी करियर में वैसे तो कई फिल्में की थी, लेकिन 1973 में जब फिल्म 'शोले' आई तो इस फिल्म में उनके ठाकुर के किरदार ने उन्हें हमेशा के लिए लोगों के जेहन में बसा दिया। इन दिनों संजीव कुमार हेमा मालिनी से प्यार करते थे। सीता और गीता में हेमा के साथ काम करते-करते उन्हें हेमा से प्यार हो गया। लेकिन हेमा मालिनी धर्मेंद्र से प्यार करती थीं।  शोले की शूटिंग के दौरान संजीव कुमार ने हेमा से अपने प्यार का इजहार भी किया, लेकिन हेमा ने मना कर दिया था। इस इंकार से संजीव कुमार को गहरा झटका लगा वे शराब पीने लगे, और फिर शादी न करने की कसम खा ली। बता दें कि हेमा के संजीव कुमार को इंकार कर देने के बाद फिल्म में थोड़ा चेंड करना पड़ा, क्योंकि ठाकुर का किरदार पहले धर्मेंद्र निभाने वाले थे। वहीं सुलक्ष्णा पंडित भी संजीव कुमार से प्यार करती थी, लेकिन संजीव ने उन्हें मना कर दिया था।


काफी समय बाद संजीव कुमार के परिवार से जुड़ी एक बात का खुलासा हुआ कि उनके परिवार में कोई भी पुरुष 50 की उम्र पार नहीं कर पाता था। 47 की उम्र में 6 नवंबर 1985 को संजीव की भी दिल का दौरे पड़ा और उनका निधन हो गया।  

 

मौत के बाद रिलीज हुईं ये फिल्में
 
1993 में  फिल्म 'प्रोफेसर की पड़ोसन'
1986 में फिल्म  'कातिल'
1986 में फिल्म 'बात बन जाए'
1986 में फिल्म 'कांच की दीवार'
1986 में फिल्म 'लव एंड गॉड'
1986 में फिल्म 'राही'
1986 में ही 'दो वक्त की रोती'
1988 में फिल्म 'नामुमकिन'
1988 में फिल्म 'ऊंच नीच बीच'

 

इस एक्ट्रेस ने मारा था थप्पड़

नूतन उस समय फिल्म इंडस्ट्री पर राज कर रही थीं। इसी बीच फिल्म 'देवी' में दोनों लोगों को एक साथ कास्ट किया गया। फिल्म की शूटिंग के दौरान ही नूतन और संजीव के बीच रोमांस की खबरें फैलने लगी। जिससे नूतन की मैरिड लाइफ में प्रॉब्लम होने लगी। नूतन को लगने लगा कि संजीव इस तरह की बातें फैला रहे हैं। जिसके बाद एक दिन आमने सामने आते ही उन्होंने संजीव कुमार को थप्पड़ मार दिया था।