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मानसून में बालों की समस्या से ऐसे पाएं निजात

June 24th, 2020 15:00 IST
 मानसून में बालों की समस्या से ऐसे पाएं निजात

हाईलाइट

  • मानसून में बालों की समस्या से ऐसे पाएं निजात

नई दिल्ली, 24 जून (आईएएनएस)। मानसून जल्द ही दस्तक देने वाला है। ऐसे में बालों का इस दौरान खास ख्याल रखने की जरूरत है। मानसून के मौसम में उमस के चलते बालों को तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इनमें बालों का उलझना, डैंड्रफ और इनका झड़ना बेहद आम है।

ओशिया हर्बल्स के निदेशक दिलीप कुंडलिया की ओर से कुछ ऐसे बेहतरीन टिप्स सुझाए गए हैं, जिन्हें अपनाकर इन दिक्कतों का सामना किया जा सकता है।

बालों को टूटने से बचाने के लिए इन्हें झाड़ते वक्त एक चौड़े दांतेदार कंघी का ही प्रयोग करें।

कंघी हमेशा नीचे से शुरू कर जड़ों तक करें। इससे बालों की गांठे सुलझ जाएंगी और ये कम टूटेंगे।

शैम्पू लगाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि बाल अच्छे से गीले हो और बालों को धोते वक्त गुनगुने पानी का ही इस्तेमाल करें।

आपके स्किन की ही तरह बालों को भी हाइड्रेशन की आवश्यकता पड़ती है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। हमेशा संतुलित प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करें और अपनी डायट में खूब सारी फलों व सब्जियों को शामिल करें।

बालों में कंडीश्नर लगाकर इसे कुछ समय तक के लिए छोड़ दें।

बाल अगर रूखे हैं, तो क्रीम बेस्ड शैम्पू और कंडीश्नर का इस्तेमाल करें। इसके साथ ही हेयर मास्क को अप्लाई करना भी न भूलें, इससे एक से दो महीने के लिए बालों में नमीं बरकरार रहेगी।

बेजान बालों में जान डालने के लिए 15 दिनों में एक बार तेल जरूर लगाएं और इसे लगाकर एक घंटे के लिए छोड़ दें और फिर शैम्पू से इसे अच्छे से धोकर कंडीश्नर अप्लाई कर लें। महीने में एक बार प्रोटीन से समृद्ध स्पा भी करवाए, जिससे जड़ों में नमीं को बरकरार रखने में मदद मिलें।

जिनके बाल हमेशा फ्लैट या चिपटे हुए रहते हैं, वे ऐसे शैम्पू व कंडीश्नर का प्रयोग करें, जिनसे बालों में एक्स्ट्रा वॉल्यूम ऐड हो। फ्लैट हेयर की समस्या का सामना उन्हें अकसर करना पड़ता है, जिनके बाल पलते व ऑयली होते हैं।

ऑयली हेयर/स्कैल्प के लिए लाइटवेट शैम्पू और कंडीश्नर सबसे उपयुक्त हैं। जेल बेस्ड प्रोडक्ट सबसे उत्तम है, इनसे बाल चिपचिपे बने नहीं रहते हैं।

डैंड्रफ से निपटना है, तो एंटी डैंड्रफ शैम्पू सबसे ज्यादा कारगर है। मानसून में बालों को स्वस्थ रखने के लिए सबसे बेहतर उपाय आखिर में यह है कि केमिकल से बने उत्पादों का इस्तेमाल कम ही करें, तो बेहतर है क्योंकि इनसे गंदी वगैरह के जड़ों में बसने की आशंका बनी रहती हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।