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आईएफटीडीए ने उद्धव ठाकरे को पत्र लिख दिशानिर्देशों में बदलाव की मांग की

June 02nd, 2020 19:01 IST
 आईएफटीडीए ने उद्धव ठाकरे को पत्र लिख दिशानिर्देशों में बदलाव की मांग की

हाईलाइट

  • आईएफटीडीए ने उद्धव ठाकरे को पत्र लिख दिशानिर्देशों में बदलाव की मांग की

मुंबई, 2 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार ने 16 पेजों के दिशानिर्देशों के साथ शूटिंग फिर से शुरू करने की अनुमति दी है। हालांकि, इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (आईएफटीडीए) ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर दिशानिर्देशों में कुछ निश्चित बदलावों की मांग की है।

एक पत्र लिखकर आईएफटीडीए के अध्यक्ष अशोक पंडित ने ठाकरे से बदलावों की मांग की है। पत्र को महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के प्रमुख सचिव डॉ. संजय मुखर्जी को भी संदर्भित किया गया है।

आईएफटीडीए ने जिन दिशानिर्देशों पर पुनर्विचार करने को कहा है उनमें से एक यह है कि 65 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति को शूटिंग क्षेत्रों में अनुमति नहीं दी जाएगी। यह भी सलाह दी गई है कि प्रत्येक शूटिंग परिसर में एक डॉक्टर और नर्स तैनात हों।

इन नियमों का उल्लेख करते हुए, पत्र में कहा गया है:

महोदय,

आपको बता दें कि प्रमुख दिग्गज कलाकारों जैसे अमिताभ बच्चन, अनुपम खेर, परेश रावल, अन्नू कपूर, नसीरुद्दीन शाह, धर्मेंद्र, शक्ति कपूर, मिथुन चक्रवर्ती, पंकज कपूर, जैकी श्रॉफ, डैनी डेन्जोंगपा, दलीप ताहिल, टीनू आनंद, राकेश बेदी, कबीर बेदी और अन्य और दिग्गज फिल्माकरों, निर्देशकों व लेखकों जैसे अनिल शर्मा, डेविड धवन, सुभाष घई, श्याम बेनेगल, मणि रत्नम, प्रकाश झा, शेखर कपूर, विधु विनोद चोपड़ा, महेश भट्ट, प्रियदर्शन, गुलजार, जावेद अख्तर और अन्य जो 65 वर्ष से ऊपर के हैं, उद्योग में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। यह खंड इसलिए अव्यावहारिक है क्योंकि यह हमारे उद्योग के कुछ महान सितारों को प्रतिबंधित करेगा।

पत्र में आगे कहा गया

हम आपके संज्ञान में लाना चाहते हैं कि राज्य पहले से ही डॉक्टरों और नर्सों की अनुपलब्धता के कारण कोविड-19 महामारी से रोगियों की बढ़ती संख्या का सामना करने संबंधी मुद्दों का सामना कर रहा है और इसलिए यह व्यावहारिक नहीं है कि एक डॉक्टर और एक नर्स को प्रत्येक शूटिंग परिसर में तैनात किया जाए, इसके बजाय हम शूटिंग स्थानों पर एक डॉक्टर और नर्स क्षेत्र वार उपलब्ध कराए जाने का सुझाव देते हैं।

पत्र में आगे कहा गया है, हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप हमारी अपील पर विचार करें और तदनुसार जीआर में आवश्यक बदलाव करें।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।