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नहीं की जाती मोहम्मद रफी की सराहना- जावेद अख्तर

नहीं की जाती मोहम्मद रफी की सराहना- जावेद अख्तर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मोहम्मद रफी देश के प्रसिद्ध गायकों में से एक हैं। जावेद अख्तर के अनुसार इंडस्ट्री में जो नाम उनका है, वे इससे ज्यादा पाने के हकदार थे। उनकी विरासत और उनकी छवि को धूमिल किया गया है। हाल ही में एक कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत के दौरान जावेद ने कहा, "रफी के बारे में एक बात है जो मुझे पसंद नहीं है। मुझे विश्वास है कि वह दुनिया के पहले पार्श्व गायक थे।"

कवि-गीतकार ने यह भी कहा कि जब दुनिया ने कई प्रसिद्ध गायकों को आते-जाते देखा है, रफ़ी हमेशा सबसे अलग तरह के गायक रहे हैं।

जावेद ने कहा, "दुनिया ने कई बड़े गायकों को देखा है, लेकिन आप एक पुरुष गायक का नाम नहीं ले सकते हैं, जिस अभिनेता के लिए वह गा रहा था, उसके अनुसार उसकी आवाज बदल गई।"

बता दें 1944 में अपने करियर की शुरुआत करने वाले रफी ने अपने गीतों से मनोरंजन उद्योग में सबसे महत्वपूर्ण योगदान दिया।

रफी की आवाज इतनी जादुई थ कि वे सुनने वालों रोंगटे खड़े कर देती थी। रफी अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए व्यापक रूप से लोकप्रिय थे। रफी एक ऐसे गायक थे, जो अपनी प्रतिभा से संगीत की किसी भी शैली में डूब सकते थे। जिस विधा को वे छू लें, उससे साथ न्याय करते थे। लुभावने रोमांटिक गीतों और देशभक्ति गीतों से लेकर कव्वालियों, ग़ज़लों, और भजनों तक, उन्होंने कई तरह के गाने रिकॉर्ड किए हैं। 

सिर्फ शैली ही नहीं, गायक ने भी अपनी आवाज और गायन की शैली में बदलाव किया ताकि अभिनेता को कैमरे के सामने गाने से लिप-सिंक किया जा सके।

जावेद ने कहा, "मैं उनका प्रशंसक हूं। जब वह काम कर रहा था, तब मैं गाने नहीं लिख रहा था, लेकिन मैंने स्कूल और कॉलेज में उसके गाने सुनकर बड़ा हुआ हूं।"

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