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बॉलीवुड में फिर दिखेगी 27 साल पुरानी सड़क, अगले साल नवंबर में होगी रिलीज

August 01st, 2018 16:06 IST
बॉलीवुड में फिर दिखेगी 27 साल पुरानी सड़क, अगले साल नवंबर में होगी रिलीज

डिजिटल डेस्क, मुंबई। रोमांटिक थ्रिलर फिल्म सड़क, एक ऐसी यादगार फिल्म ...जिसकी स्टोरी हो डायलॉग्स हों या फिर फिल्म के गाने....90 के दौर की ये एक ऐसी फिल्म थी, जिसका नशा लोगों के सिर चढ़कर बोला...और यही वजह थी कि ये फिल्म सन 1991 की साजन के बाद सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिन्दी फिल्म में शुमार हो गई !

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'सड़क' ने हिट करवाई संजय-पूजा की लव स्टोरी

इस फिल्म में संजय दत्त और पूजा भट्ट की केमिस्ट्री ने भी धमाल मचा दिया ! इस फिल्म में दोनों के बीच इतनी शानदार बॉन्डिंग दिखी कि हर कोई रवि और पूजा के लिए रील के साथ रियल लाइफ में भी एक होने की दुआ मांगने लगा। 

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15 नवंबर 2019 को रिलीज होगी फिल्म

अब 27 साल बाद एक बार फिर ये 'सड़क' लाइमलाइट बटोर रही है.....सुर्खियां में आने की वजह है इसके सीक्वल की अनाउंसमेंट ! जहां एक ओर इसकी कास्ट को लेकर अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है, तो वहीं दूसरी ओर इस फिल्म की रिलीज डेट भी अनाउंस कर दी गई है ! ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने ट्वीट कर बताया कि ये फिल्म 15 नवम्बर 2019 में रिलीज की जाएगी !

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लीड रोल में होंगे रणबीर-आलिया !

'विशेष फिल्म्स' के बैनर तले बनाई जा रही इस फिल्म में लीड रोल कौन प्ले करेगा, इसका खुलासा होना अभी बाकी है, लेकिन संजू की रिलीज के बाद रणबीर कपूर के ट्रांसफॉर्मेशन को देखते हुए, कयास लगाए जा रहे हैं कि सड़क 2 में आलिया के साथ रनबीर की जोड़ी नजर आएगी।

रणबीर-आलिया की 'प्रेम कहानी' का फायदा उठानाएंगे प्रोड्यूसर ! 

हालांकि अभी कास्ट‍िंग की ऑफिशियल अनाउसमेंट नहीं हुई है ! लेकिन अगर ऐसा होता है, तो ब्रह्मास्त्र के बाद रणबीर और आलिया की ये दूसरी फिल्म होगी, जिसमें ये दोनो साथ काम करेंगे ! तो वहीं ये कहना भी गलत नहीं होगा, कि स्क्रीन शेयर करने के साथ ही इनके अफेयर्स के किस्सों को भी हवा मिलना तय है ,तो हो सकता है अपनी फिल्म हिट करवाने के लिए प्रोड्यूसर इनके इस सो कॉल्ड प्रेम कहानी का फायदा उठाना चाहे, और इन दोनों को ही फिल्म का हिस्सा बनाए।


बता दें 1991 में आई सड़क में मुख्य किरदार संजय दत्त और पूजा भट्ट ने निभाया था, जिसमें दोनों की अदाकारी काफी सराही गई थी, तो वहीं इसी फिल्म पूजा भी रातों-रात स्टार बनी थीं ! वहीं फिल्म के विलेन के रूप में सदाशिव अमरापुरकर ने किन्नर महारानी का रोल प्ले करके खूब वाहवाही लूटी थी ! इसके साथ ही फिल्म के गाने, तुम्हें अपना बनाने की, हम तेरे बिन कहीं रह नहीं पाते, और रहने को घर नही" आज भी लोगों के एवरग्रीन हिट लिस्ट में शामिल हैं। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या महेश भटट् की ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर वैसा ही असर दिखा पायेगी जैसा पहली फिल्म ने दिखाया था। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।