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नुसरत जहां के आरोपो पर निखिल जैन ने तोड़ी चुप्पी, कहा- मैंने बिना किसी लालच के उन्हें सपोर्ट किया 

नुसरत जहां के आरोपो पर निखिल जैन ने तोड़ी चुप्पी, कहा- मैंने बिना किसी लालच के उन्हें सपोर्ट किया 

डिजिटल डेस्क,मुंबई। टीएमसी सांसद और बंगाली अभिनेत्री नुसरत जहां और बिजनसमैन निखिल जैन का रिश्ता इन दिनों खूब सुर्खियों में है। दरअसल, दोनों के बीच कुछ महीनें पहले से अनबन शुरु हो गई थी लेकिन अब नुसरत ने खुलकर निखिल से अलग होने का ऐलान किया और उनपर पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी का आरोप लगाया। नुसरत के इन आरोपों को खारिज करते हुए निखिल ने अपनी चुप्पी तोड़ी और एक बयान जारी किया है। निखिल ने अपने बयान में कहा कि, मेरे फैमिल, दोस्त और करीबी सभी लोग जानते हैं कि, मैंने सरत के लिए बहुत कुछ किया है। बिना किसी लालच के उन्हें हमेशा सपोर्ट किया है। लेकिन शादी के कुछ वक्त बाद ही उनका व्यवहार बदलना शुरू हो गया।

क्या कहा निखिल ने
निखिल ने अपना बयान जारी करते कहा कि, प्यार नहीं था, फिर भी मैंने नुसरत को प्रपोज किया था और नुसरत ने भी इसे खुशी-खुशी अपनाया था। जिसके बाद हम डेस्टिनेसन वेडिंग के लिए जून 2019 को तुर्की चले गए। वहां पर हमने शादी की और कलकत्ता आकर रिसेप्शन भी दिया। लेकिन शादी के कुछ दिन बाद नुसरत का बर्ताव बदलने लगा। निखिल के अनुसार, वो दोनों पति-पत्नी की तरह साथ रहते है और भारतीय समाज में खुद को एक मैरिड कपल के तौर पर ही पेश करते थे। जैन आगे कहते हैं कि, मैंने एक वफादार और जिम्मेदार पति होने के लिए अपना सारा समय और संसाधन नुसरत को समर्पित कर दिया। हालांकि, बहुत ही कम समय के बाद, उसने (नुसरत) मेरे साथ विवाहित जीवन के प्रति अपना दृष्टिकोण बदल दिया। एक फिल्म की शूटिंग के दौरान अगस्त 2020 से उसका व्यवहार बदलना शुरू हो गया। निखिल ने बताया कि, शादी के बाद साथ रहने के दौरान उन्होंने नुसरत से कई बार शादी का रजिस्ट्रेशन कराने का अनुरोध किया था, जिसे नुसरत ने हमेशा नजरअंदाज कर दिया। पिछले साल (2020) 5 नवंबर को, वह अपने निजी कीमती सामान के साथ किसी दूसरे फ्लैट में रहने चली गई, इसके बाद हम कभी भी पति-पत्नी के रूप में साथ नहीं रहे।

क्या कहा था नुसरत ने
टीएमसी सांसद और बंगाली अभिनेत्री नुसरत जहां ने अपने पति निखिल जैन पर कई गंभीर आरोप लगाए और बयान जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि, निखिल ने उन्हें बिना बताए गैर कानूनी तरीके से उनके अकाउंट से पैसे निकाले है। वो अपने आपको अमीर बताता हैं और कहता हैं कि, मैंने उसका इस्तेमाल किया। बल्कि उसने मेरे अकाउंट से मेरे सेपरेशन के बाद भी रात के वक्त अकाउंट से पैसे निकाले। मैंने ये मामला बैंक अधिकारियों के सामने भी रखा है, जिसको लेकर बहुत जल्द पुलिस में एफआईआर दर्ज होगी। नुसरत के अनुसार, शादी के बाद उनके सभी फैमिली अकाउंट की डिटेल निखिल के साथ साझा की गई थी लेकिन उन्होंने मेरे बिना जानकारी और सहमति के इसका गलत इस्तेमाल किया। 

नुसरत हैं प्रेग्नेंट ?
साल 2021, जनवरी से इस बात की मीडिया में काफी चर्चा हो रही हैं कि, नुसरत जहां का एक्टर यश दासगुप्ता के साथ अफेयर चल रहा है। बता दें कि, यश दासगुप्ता 2021 में बंगाल में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके है। इन सब के बीच नुसरत के प्रेग्नेंसी की खबरें तेज हैं, जिसकी जानकारी निखिल को नहीं थी।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।