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 बंगाल हिंसा पर भावुक हुई पायल रोहतगी, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से लगाई गुहार

 बंगाल हिंसा पर भावुक हुई पायल रोहतगी, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से लगाई गुहार

डिजिटल डेस्क,मुंबई। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के परिणाम आ चुके है और लगातार तीसरी बार ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जिसके बाद बंगाल से हिंसा की खबरे सामने आई और बीजेपी ने कहा कि, ये हिंसा टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने किया है। लेकिन टीएमसी ने इस बात से इंकार कर दिया। बीजेपी के समर्थन में उतरी कंगना का ट्विटर अकाउंट भी पर्मानेंट सस्पेंड कर दिया गया, जिसके बाद अब पायल रोहतगी का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में पायल ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री बंगाल हिंसा को लेकर मदद की गुहार लगाई है।

क्या कहा पायल ने 

  • इस वीडियो में पायल ने कहा कि,नमस्कार मैं हूं पायल रोहतगी। बहुत दिनों से मैं हेल्पलेस फील कर रही हूं,बहुत सारी परिस्थितियों में.. मगर मैं अपने आप को स्ट्रॉन्ग रखती हूं, क्योंकि अगर मैं खुद को स्ट्रॉन्ग नहीं रखूंगी तो बहुत सारी चीजें गलत हो जाएंगी। अगर मैं स्थिर नहीं रही तो कई सारी चीजें गलत हो जाएंगी। आप सभी ने सिर्फ मेरी स्ट्रॉन्ग साइड देखा है लेकिन मैं भी हेल्पलेस फील करती हूं, जब मुझे सही सलाह नहीं मिलती और अब बंगाल से आ रही तस्वीरों को देखकर लाचार महसूस कर रही हूं। मुझे वह पसंद नहीं आ रहा है। 
  • पायल आगे कहती है, 'मैं ये सब पसंद नहीं करती, मुझे ये हिंसा से परेशानी हो रही है। क्या कर रही है सरकार, मोदी जी आप हमारे देश के प्रधानमंत्री हैं न? अमित शाह जी आप हमारे देश के गृहमंत्री हैं न? वह मासूम हिंदू लोगों की बली क्यों चढ़ा रहे हैं, जिन्होंने आपको सपोर्ट किया. आप सत्ता में नहीं आए, ममता बनर्जी बंगाल ही मुख्यमंत्री बनीं लेकिन उन मासूम लोगों की क्या गलती जिन्होंने आपको सपोर्ट किया।'
  • कंगना रनौत को लेकर पायल ने कहा कि, 'कंगना का ट्व‍िटर अकाउंट क्यों हटा दिया गया। उसने ऐसा तो कुछ गलत लिखा नहीं होगा। हम सरकार में नहीं है लेन मोदी जी आप तो प्रधानमंत्री हैं न? आप क्यों नहीं बचा रहे हैं उन्हें, जिनको इतने बुरे तरीके से मारा जा रहा है. महिलाओं का दुष्कर्म किया जा रहा है। ममता बनर्जी आप जीत गईं, आप भी एक औरत हैं, आपके सामने क्या यह तस्वीरें नहीं आ रही हैं।'
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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।