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श्रीदेवी के कुछ अनकहे किस्से, उम्र की बात से आता था गुस्सा, मेकअप करने में लगते थे तीन घंटे 

August 12th, 2018 16:33 IST

डिजिटल डेस्क, मुंबई । बॉलीवुड की खूबसूरत और टेलेंटेड एक्ट्रेस श्रीदेवी भले ही इस दुनिया को छोड़ चुकी हैं, लेकिन आज भी उनकी यादें सबके दिलों में जिंदा है। 13 अगस्त को हिंदी सिनेमाजगत में लेडी अमिताभ कही जानी वाली एक्ट्रेस श्रीदेवी का 55वां जन्मदिन है।  तमिलनाडु के एक छोटे से गांव मीनमपट्टी में जन्मी श्रीदेवी ने अपनी एक्टिंग के जरिए बॉलीवुड में 4 दशक से भी ज्यादा समय तक लोगों का मनोरंजन किया।  लेकिन इसके अलावा उनसे जुड़ी कुछ ऐसी बातें भी हैं, जो शायद ही आपको पता हों। सो आज आज हम आपको उनकी कुछ ऐसी ही बातों से रुबरु कराने वाले हैं ।

श्री अम्मा यंगर अय्यपन था पूरा नाम

श्रीदेवी का पूरा नाम श्री अम्मा यंगर अय्यपन था। उनके पिता अय्यपन वकील, और मां राजेश्वरी एक हाउसवाइफ थीं। श्रीदेवी ने अपने लंबे करियर में लगभग 300 फिल्मों में काम किया। इनमें हिंदी, तेलुगू, तमिल और मलयालम फिल्में शामिल हैं। इनमें चांदनी, नागिन, जुदाई, हीर-रांझा, खुदा गवाह, चालबाज, मिस्टर इंडिया और मॉम जैसी फिल्मों की बात आते ही श्री की झलक अपने आप आंखों के सामने आ जाती हैं। 


 

इस फिल्म में निभाया था रजनीकांत की मां का रोल
श्रीदेवी ने महज 4 साल की उम्र से सिनेमाजगत में डेब्यू किया था। इस फिल्म का नाम 'थुनाइवन' था, जिसमें उन्होंने भगवान 'मुरगन' का किरदार निभाया था। वहीं श्रीदेवी ने महज 13 साल की उम्र में साउथ की फिल्म 'मूंदरू मुदित' में साउथ सुपरस्टार रजनीकांत की मां का रोल किया था। 


 

हिन्दी फिल्मों की शुरुआत

श्रीदेवी ने हिंदी फिल्मों में अपने करियर की शुरुआत साल 1979 में फिल्म ‘सोलवां सावन’ से की थी, लेकिन उन्हें बॉलीवुड में पहचान फिल्म ‘हिम्मतवाला’ से मिली।

90 के दशक की सबसे मंहगी एक्ट्रेस
श्रीदेवी अपने जमाने की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली अभिनेत्रियों में से एक थी, वे 90 के दशक की एकमात्र ऐसी एक्ट्रेस थी, जो  1 करोड़ रुपए प्रति फिल्म लिया करती थी। कहा जाता है कि श्रीदेवी को स्टीवन स्पिलबर्ग ने 'जुरासिक पार्क' फिल्म में छोटा सा रोल ऑफर किया था। उस वक्त श्रीदेवी ने इस रोल को यह कहकर मना कर दिया था कि वह उनके कद के मुताबिक नहीं है। 

साड़ियों से था बेहद प्यार
श्रीदेवी को अपनी साड़ियों से खास लगाव था। वह जब भी कहीं जाती थीं तो वहां से अपने लिए साड़ी जरूर खरीदती थीं, इसलिए अवॉर्ड हो या कोई प्रमोशन वह ज्यादातर साड़ी में ही नजर आती थीं।

उम्र की बात से आता था गुस्सा
श्रीदेवी के बारे में सबसे दिलचस्प बात यह भी थी कि उनसे जब कोई उनकी उम्र और 50 साल के उनके अनुभव के बारे में बात करता था तो उन्हें ये पसंद नहीं आता था। खुद एक इंटरव्यू में उन्होंने यह बात स्वीकार की थी कि बोनी जब भी उन्हें उनकी उम्र की याद दिलाते हैं तो वह उनसे खूब लड़ती हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वह तब नाराज होती हैं जब लोग उनसे कहते हैं कि आपने 50 साल काम किया है और उनसे अहसास करवाते हैं कि वह दूसरों से ज्यादा बड़ी हैं।

मेकअप करने में लगते थे तीन घंटे
श्रीदेवी को करीब से जानने वाले लोगों के मुताबिक श्री अपने लुक को लेकर काफी गंभीर रहती थीं, इसलिए चाहे एयरपोर्ट जाना हो, शॉपिंग या फिर फिल्म प्रमोशन के लिए, उन्हें मेकप करने में करीब तीन घंटे लगते थे।

काम को लेकर गंभीर थी श्री
कहा जाता है कि साल 1989 में रिलीज हुई 'चालबाज' फिल्म का सुपरहिट गाना 'न जाने कहा से आई है' की शूटिंग श्रीदेवी ने 103 डिग्री के बुखार में की थी। इस बात से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि वे अपने काम को लेकर कितनी गंभीर थीं ।

तीन दशक तक बॉलीवुड पर किया राज
श्रीदेवी ने करीब 3 दशकों के टॉप हीरो के साथ परदे पर रोमांस किया। 1970 के दशक में राजेश खन्ना, विनोद खन्ना, अमिताभ बच्चन, शत्रुघन सिन्हा, धरमेन्द्र, जितेन्द्र, ऋषि कपूर, 80 के दशक के सितारे सनी देयोल, संजय दत्त, अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ और 90 के दशक में श्रीदेवी शाहरुख खान, अक्षय कुमार और सलमान खान की नायिका बनीं ।


दूसरे विकल्प के तौर पर भी हुईं हिट 
श्रीदेवी की 3 हिट फिल्में ऐसी थी, जिसमें उन्हें दूसरे विकल्प के तौर पर चुना गया था। नगीना को जयाप्रदा, चांदनी को रेखा और सदमा को डिंपल कपाड़िया ने नकारा था। जिसके बाद ये सभी फिल्में श्री की झोली में आ गई और बाकायदा सुपुरहिट भी हुईं ।फिल्म ‘सदमा’ में श्रीदेवी दक्षिण सिनेमा के एक्टर कमल हासन संग नजर आयीं। इस फिल्म में उनकी एक्टिंग को देखकर हर कोई हैरान रह गया। 

नौकरों के भरोसे कभी नहीं छोड़ा किचन
एक और जहां बॉलीवुड के सितारे अपने किचन में जाना पसंद नहीं करते, वहीं श्रीदेवी खुद किचन के सारे काम देखती थी। उन्होंने बताया था कि वह घर में काम करने वाले नौकरों के भरोसे कभी भी अपना घर नहीं छोड़ती। इसलिए वह इस बात का खास ख्याल रखती थी कि उनके किचन में क्या पक रहा है और कितनी सफाई के साथ नौकर खाना बना रहे हैं। 

रोज चेक करती थी बेटियों के टिफिन 
एक इंटरव्यू में श्रीदेवी ने बताया था कि वह बचपन से ही अपनी दोनों बेटियों के टिफिन चेक करती हैं, क्योंकि वह उनके खाने को लेकर कभी कोई समझौता नहीं करती थीं। उन्होंने बताया था कि जब भी उनकी दोनों बेटियां स्कूल से घर आती थीं तो वह उनके टिफिन और डायरी ही चेक करती थीं। उसी से उन्हें पता चल जाता था कि बेटियों का दिन कैसा रहा।

'आखिरी रास्ता' में रेखा ने डब की थी श्री की आवाज

बॉलीवुड में शुरुआती दौर में श्रीदेवी को हिंदी बोलने में थोड़ी दिक्कत होती थी। कहा जाता है कि 'आखिरी रास्ता' फिल्म में श्रीदेवी की आवाज रेखा ने डब की की थी, जबकि इससे पहले मशहूर एक्ट्रेस नाज श्रीदेवी की कई फिल्मों को अपनी आवाज दे चुकी थीं।

श्रीदेवी ने अपने फिल्मी करियर में सबसे ज्यादा फिल्में अनिल कपूर के साथ की हैं।

श्रीदेवी का निधन 24 फरवरी 2018 को हुआ था।  जिस दिन श्रीदेवी का निधन हुआ था उसी दिन उनकी सुपरहिट फिल्म 'हिम्मतवाला' को रिलीज हुए 35 साल हुए थे।

श्रीदेवी की आखिरी फिल्म मॉम 7 जुलाई को रिलीज हुई, जानकर हैरानी होगी कि इसी दिन उनकी पहली फिल्म भी रिलीज हुई थी।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।