दैनिक भास्कर हिंदी: दोस्ती के मायने सिखाती हैं बॉलीवुड की ये फिल्में

August 5th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई ।दोस्ती से बढ़कर कोई रिश्ता नही होता,  सच्ची दोस्ती के रिश्ते का कोई सानी नहीं होता । यह रिश्ता जिंदगी में भी हिट होता है और फिल्मों में भी। पिछले कई सालों से बॉलीवुड में  दोस्ती के रिश्ते को खूब यूज किया गया  और फिल्मों ने अच्छी कमाई भी की । बॉलीवुड में दोस्ती पर बेस्ड  ऐसी कई फिल्में बनी, जिसे देखकर दोस्तों के लिए कुछ कर गुजरने का दिल करता है। आज हम आपको दोस्ती के सच्चे मायने सिखाती ऐसी ही फिल्मों के बारे में बताने जा रहे है , जो आपको भी आपकी दोस्ती पर, नाज करने को मजबूर करेगी। 

इस लिस्ट में सबसे पहले नाम आता है अमिताभ बच्चन और धर्मेन्द्र की सुपरहिट फिल्म 'शोले' का । 15 अगस्त 1975 को रिलीज हुई इस फिल्म ने दोस्ती को एक अलग अंदाज में सबके सामने पेश किया । जय और वीरू की दोस्ती ने लोगों के दिलों में ऐसा घर बनाया जो अब तक कायम हैं। फिल्म को हर जेनेरेशन के लोगों ने पसंद किया और यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक बन गई । तो वहीं दोस्ती पर बना गाना 'ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे' आज भी दोस्तों में सुपरहिट है। 

याराना 
वहीं साल 1981 में आई फिल्म याराना में पिक्चराइज किया गया गाना 'तेरे जैसा यार कहां' दोस्ती की ही  मिसाल देता है। दोस्त के लिए दिल से गाया गया ये गाना आज भी लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है ।

अंदाज अपना-अपना
जितनी गाढ़ी जय - वीरू की दोस्ती थी उससे ज़्यादा गाढ़ी थी अमर प्रेम की दुश्मनी । एक अमीर लड़की के पीछे दो पागल मजनू ।  इस फिल्म में सलमान खान और आमि‍र खान की जोड़ी खूब पसंद की गई । तो वहीं फिल्म का डायलॉग  - 'दो दोस्त एक कप में चाय पियेंगे, इससे दोस्ती बढ़ती है'  और इनकी चुलबुली हरकतें , जिनकी दीवानगी आज भी लोगों में देखी जा सकती है ।

'कुछ कुछ होता है' 
'कुछ कुछ होता है' - ये पूरी फिल्म प्यार और दोस्ती के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां दोस्ती को एक खास जगह दी गई है, और इसका डायलॉग 'प्यार दोस्ती है लोगों को खूब पसंद आया था ।

दिल चाहता है
साल 2001 में फ्रेंडशिप पर ही बेस्ड थी फिल्म दिल चाहता है। आमिर खान, सैफ अली खान और अक्षय खन्ना स्टारर तीन दोस्तों की अनोखी दोस्ती ने लोगों को खूब एंटरटेन किया था, या कहें युवा दिलों में दोस्ती की नई जान फूंक दी थी। तीन दोस्तों के बीच प्यार और तकरार के बीच बनी इस फिल्म के लाखो करोड़ो दीवाने आज भी हैं। 

मुन्ना भाई एमबीबीएस- 
अब फ्रेंडशिप की बात चल रही तो फिल्म मुन्ना भाई एम बी बीएस के मुन्ना और सर्किट का नाम तो आएगा ही। आखिर इन दोनों की दोस्ती है ही ऐसी । 

3 इडियट्स 
3 इडियट्स - इस फिल्म के लिए तो जितना कुछ भी कहा जाए वो कम है। 2009 में आई इस फिल्म ने दोस्ती को एक नए अंजाम पर लाकर खड़ा कर दिया। इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने वाले तीन दोस्तों के उपर बनी इस फिल्म में कई बेहतरीन मेसेज है। जिसकी वजह से यह रिलीज के साथ ही उस दौर में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई और अब तक पसंद की जाने वाली फिल्मों में शामिल है।

जिन्दगी ना मिलेगी दोबारा
बात दोस्ती की हो और फरहान अख्तर, रितिक रोशन और अभय देओल की एक्टिंग से सजी फिल्म 'जिन्दगी ना मिलेगी दोबारा' का नाम ना आए, ऐसा भला कैसे हो सकता है। यह फिल्म दोस्ती के खूबसूरत पहलू को दिखाती हैं। आज के दौर में युवाओं के टेस्ट को देखते हुए बनाई गई ये फिल्म भी दोस्ती पर बनी एक परफेक्ट फिल्म है। 

'ये जवानी है दीवानी' 
'ये जवानी है दीवानी' - ये फिल्म रणबीर कपूर, दीपिका पादुकोण, आदित्य रॉय कपूर और कल्कि जैसे सितारों से सजी थी, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया। प्यार के साथ साथ इस फिल्म में 4 दोस्तों के बीच दोस्ती के अहसास और उनकी बॉन्डिंग को भी खूब दिखाया गया हैं।

काई पो चे
दोस्ती के बात होगी, तो फिल्म काई पो चे का नाम आना भी लाजिमी है। इस फिल्म में दोस्ती के खट्टे -मीठे रिश्ते को पर्दे पर जीवित कर दिया गया । वो भी बेहद संजीदगी के साथ ।

सोनू के टीटू की स्वीटी
अगर कहा फिल्म सोनू के टीटू की स्वीटी भी दोस्ती की ही मिसाल पेश करती है, तो बड़ी बात नहीं होगी....फिल्म में दोस्त की जरूरत और उसकी अहमियत को बखूबी दिखाया गया था। 'मेरा यार है तू बहुत ही खास है' फिल्म का ये गाना बताता है कि आपका दोस्त आपके लिए कितना खास है।

वैसे इसके अलावा फिल्म आनंद जैसी कई और फिल्में बॉलीवुड में बनी हैं, जो दोस्ती की ही मिसाल को पेश करती है ।