दैनिक भास्कर हिंदी: वाजिद भाई मेरे गुरु थे : ममता शर्मा

June 1st, 2020

हाईलाइट

  • वाजिद भाई मेरे गुरु थे : ममता शर्मा

मुंबई, 1 जून (आईएएनएस)। मशहूर पाश्र्व गायिका ममता शर्मा ने संगीतकार जोड़ी साजिद-वाजिद द्वारा रचित कई गीतों को अपनी आवाज दी हैं, जिनमें अनारकली डिस्को चली, मुन्नी बदनाम हुई, फेविकोल से इत्यादि शामिल हैं।

आईएएनएस संग बातचीत करते हुए ममता ने उनके साथ बिताए कई बीतें लम्हों को याद किया

ममता ने कहा, मेरी मानसिक स्थिति अभी ठीक नहीं है क्योंकि वह वाकई में मेरे काफी करीब थे। वाजिद भाई परिवार के एक सदस्य की तरह थे। अभी मैं कुछ भी कहने की हालत में नहीं हूं। पिछले हफ्ते ही मैंने वीडियो कॉल पर उनसे बात की। वह बिल्कुल ठीक थे और मुझे लगा कि कुछ ही दिनों में वह डिस्चार्ज हो जाएंगे। इन सबके बीच यह हो गया। मैं अभी भी इस दुख से उबर नहीं पाई हूं। अभी कुछ भी नहीं सोच पा रही हूं। आज मैं जो कुछ भी हूं, उन्हीं की वजह से हूं।

ममता ने आगे कहा, जिंदगी को किस तरह से जीना है और एक बेहतर गायिका कैसे बनना है, यह वाजिद भाई ने ही मुझे सिखाया है। उन्होंने एक बेहतर ढंग से मेरे अंदर छिपी प्रतिभा को तलाशा। एक इंसान के तौर पर भी उन्होंने मुझे बदला है। अपने विचारों को बदलने में उन्होंने मेरी मदद की है और हमेशा सकारात्मक बने रहने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने मुझे मुश्किल घड़ी में भी मुस्कुराना सिखाया है। वह मेरे लिए एक गुरु, एक प्रशिक्षक थे।