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एक्ट्रेसेस के इन हैंड बैग्स की कीमत जानकर दंग रह जाएंगे आप

August 06th, 2018 15:44 IST

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस कुछ भी यूज करती हैं तो वह फैशन ट्रेंड बन जाता है। हाल ही में बुल्गारिया से हॉलिडे मनाकर लौटीं आलिया भट्ट को मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया। यूं तो ब्लैक आउटफिट में वे बेहद कूल नजर आ रही थीं, लेकिन लोगों को सबसे ज्यादा अट्रेक्ट किया उनके रेड बैग ने। अब भई बैग अट्रेक्टिव है, तो इसकी कीमत भी आप जानना चाह रहे होंगे, तो इस बैग की कीमत है 45 हजार रुपये। वैसे ऐसा पहली बार नहीं है , जब उन्होंने इतना मंहगा हैंड बैग खरीदा हो, इसके अलावा उनके पास UBER और TOD’S fringed  जैसी लग्जरी ब्रांड्स के भी बैग्स हैं, जिनकी कीमत 1 लाख रुपए के करीब है।

करीना कपूर
तो वहीं शॉपिंग की दीवानी करीना कपूर खान को भी हैंडबैग के कलेक्शन का बेहद शौक हैं। उनके पास Chanel, Bottega, Givenchy के साथ ही Hermes Birkin Epsom ब्रांड का भी बैग है, जिसकी कीमत करीब साढ़े 8 लाख रुपए है ।

दीपिका पादुकोण 
दीपिका पादुकोण को भी करीना की तरह Hermes Birkin Epsom ब्रांड के बैग पसंद हैं। इसके अलावा उनके पास Gucci, Chanel ब्रांड के बैग्स भी हैं।

अनुष्का शर्मा
अनुष्का शर्मा भी हैंड बैग्स के कलेक्शन के शौकीनों में शामिल है, लाजिमी है उनके पास भी कई ब्रांड्स के बैग हैं। वे totes, Alexander McQueen, Fendi monster के बैग कैरी करना पसंद करती हैं। जिनकी कीमत 1 से 2 लाख रुपए के बीच में होती है । 

सोनम कपूर
फैशन डीवा सोनम कपूर भी बैग्स की शॉपिंग को लेकर हमेशा एक्साइटेड रहती  हैं। उनके पास Dior, Paule Ka, Balenciaga, Hermes Kelly के साथ ही Chanel ब्रांड का बैग है, जिसकी कीमत तकरीबन 4 लाख रुपए है । 

प्रियंका चोपड़ा
प्रियंका चोपड़ा भी बैग्स के लिए क्रेजी है। उनके पास 100 से ज्यादा बैग्स हैं। इनमें से वे सबसे ज्यादा Valentino Garavani Rockstud ब्रांड का बैग कैरी करना पसंद करती हैं। उनके इस बैग की कीमत 1.25 लाख रुपए है।

शिल्पा शेट्टी
शिल्पा शेट्टी के पास भी अलग-अलग ब्रांड्स के बैग्स हैं। उनके पास Dior ब्रांड का बैग है जिसकी कीमत 3 लाख रुपए है। वहीं उनके पास Alexander Mcqueen ब्रांड का बैग भी है, जिसकी कीमत 70 हजार से 2 लाख रुपए के बीच होती है ।

जैकलीन फार्नांडिज
जैकलीन फार्नांडिज Louis Vuitton mini Alma के साथ ही Gucci ब्रांड के बैग्स पसंद करती हैं। इन बैग्स की कीमत 1 लाख रुपए के करीब होती है ।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।