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Health: मप्र में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए हो रहे प्रयास

June 05th, 2020 12:43 IST
Health: मप्र में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए हो रहे प्रयास

हाईलाइट

  • मप्र में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए हो रहे प्रयास

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में कोरोना संकट काल के दौरान आंगनवाड़ी केन्द्रों में दी जाने वाली सभी सेवाएं निरंतर जारी रखी गई हैं। इन सेवाओं में प्राथमिकता के आधार पर सभी हितग्राहियों विशेषकर बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाये रखने और उसे बेहतर करने के प्रयास जारी है।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आधिकारिक तौर पर दी जा गई जानकारी के अनुसार कोरोना के कारण आंगनवाड़ी केन्द्र बन्द रखे जाने की अवधि तक केन्द्र आने वाले तीन से छह वर्ष के बच्चों को गुणवत्ता युक्त रेडी टू ईट पोषण आहारप्रति हितग्राही प्रतिदिन के निर्धारित मानदण्ड से हर हफ्ते उपलब्ध कराया जा रहा है। सामान्य परिस्थियों में स्थानीय स्व-सहायता समूहों के माध्यम से उन्हें गर्म पका हुआ भोजन दिया जाता है।

बताया गया है कि प्रदेश में 42 हजार 266 स्व सहायता समूहों द्वारा स्थानीय स्तर पर रेडी टू ईट पूरक पोषण आहार के रूप में सत्तू, पंजीरी, लडडू चूरा, पौष्टिक मिक्च र, गुड़ पापड़ी आदि तैयार कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से छह माह से छह वर्ष तक गर्भवती व धात्री महिलाओं को 15-15 दिवस के अन्तराल में उपलब्ध करवाया जा रहा है।

एक तरफ जहां बच्चों पर ध्यान दिया जा रहा है वहीं सभी पात्र हितग्राहियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 द्वारा निर्धारित प्रोटीन एवं कैलोरी मानक युक्त पूरक पोषण आहार प्रदान किया जा रहा है।

भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा समय-समय पर जारी एडवाइजरी के माध्यम से 10 वर्ष तक की आयु के बच्चों एवं गर्भवती माताओं को उच्च जोखिम की श्रेणी में रखते हुए आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के अतिरिक्त घर से बाहर न जाने के एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की सलाह दी गई है।

कोरोना संक्रमण काल के चलते प्रदेश वापस लौटे परिवारों में छह माह से छह साल तक के लगभग डेढ़ लाख बच्चे और लगभग 40 हजार गर्भवती व धात्री महिलाएं भी हैं। इन सभी को भी पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।