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कम नींद लेने से हो सकता हैं हार्ट अटैक ! जानिए, आखिर क्यों जरुरी हैं सोना ?

कम नींद लेने से हो सकता हैं हार्ट अटैक ! जानिए, आखिर क्यों जरुरी हैं सोना ?

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तेजी से बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण घर के खर्चे भी बढ़ जाते है और खर्च पूरे करने के लिए परिवार के ज्यादातर लोगों के पास रोजगार होना बेहद जरुरी है। आप नौकरी करने से लेकर घर की जिम्मेदारियों में इतने उलझ जाते हैं कि, आपको अपनी सेहत का ख्याल ही नहीं रहता। इन सब के अलावा मार्डन लाइफस्टाइल की बात करें तो, देर रात तक जागना और कम नींद लेना बहुत लोगों की आदत का हिस्सा हैं, लेकिन क्या आपको पता हैं कि, ऐसा करना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। क्योंकि पर्याप्त नींद लेना आपके शरीर के लिए बेहद जरुरी हैं।अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो, याद रखिए वो दिन दूर नहीं जब आपको दिल सी जुड़ी समस्या और हार्ट अटैक जैसी बीमारियां हो सकती है। 

कम नींद लेने के नुकसान

हार्ट अटैक
अगर आप अपनी नींद पूरी नहीं लेते हैं तो, ऑफिस में आपको काम के वक्त नींद आएगी लेकिन काम की वजह से आप सो नहीं पाएंगे। हालांकि, इससे आपका ऑफिस वर्क और नींद दोनों प्रभावित होंगे, जिसके बाद हो सकता हैं कि, आप तनाव में आ जाए और मानसिक परेशानियां इतनी बढ़ जाए कि, हार्ट अटैक और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां आपके शरीर में खुद-ब-खुद जगह बना लेंगी। 

डायबिटीज और डिप्रेशन
अक्सर हमने देखा हैं कि, लोग अपनी नींद भगाने के लिए चाय या कॉफी का इस्तेमाल करते हैं लेकिन ये गलत तरीका है। आप अगर पर्याप्त नींद लेंगे तो वक्त-बेवक्त सोने के लिए कभी मजबूर नहीं होंगे। ज्यादा चाय पीने से आपकी सेहत खराब हो सकती है और कम नींद लेने की वजह से डायबिटीज और डिप्रेशन आपके शरीर में आराम से दस्तक दे सकते है। इसलिए पर्याप्त नींद ले।

पाचन तंत्र कमजोर
आपका पाचन तंत्र बुरी तरह से बिगड़ सकता हैं अगर आपने अपनी नींद में कटौती करना शुरु कर दिया तो। बता दें कि, कम नींद से आपकी पाचन शक्ति कमजोर होने के साथ-साथ पेट साफ न होने या कब्ज की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

मानसिक और शारीरिक समस्या 
कम नींद लेने वाले लोग अक्सर मानसिक और शारीरिक बीमारियों के शिकार हो जाते है। शरीर में अकड़न, शारीरिक दर्द, सिर भारी होना और चिड़चिड़ापन जैसी बीमारियां भी हो सकती है। 

पर्याप्त नींद लेने के उपाय
पर्याप्त नींद लेने के लिए जरुरी हैं आपका समय से काम खत्म हो जाना। जिसका मतलब हैं ऑफिस का काम टाइम पर निपटा कर आप घर पहुंचे, खाना खाए और बिस्तर पर जल्दी जाने की कोशिश करें। देर तक टीवी के सामने न बैठे और मोबाइल से थोड़ी दूरी बना लें। सबसे जरुरी बात  दिन खत्म होने के समय कैफीन का सेवन न करें। साथ ही दिन में लंबी झपकी न लें। पर्याप्त नींद के लिए टाइम पर सोएं और टाइस से उठ जाए। आराम आपके एनर्जी लेवल को बूस्ट करने में काफी मददगार होता है और जब आपकी ऊर्जा ऊपर होती है तो जिंदगी में आई किसी भी मुसीबत का सामना आप अच्छे से कर सकते है। इसलिए जल्दी सोए और पर्याप्त नींद ले। 


 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।