US-Iran Ceasefire Talks: सीजफायर पर बातचीत से पहले ईरान ने पाकिस्तानी PM के सामने रखी प्रमुख मांगें, इन्हीं के आधार पर आगे की चर्चा के संकेत

सीजफायर पर बातचीत से पहले ईरान ने पाकिस्तानी PM के सामने रखी प्रमुख मांगें, इन्हीं के आधार पर आगे की चर्चा के संकेत
पाकिस्तान में इस अहम कूटनीतिक बातचीत के पहले ईरानी वार्ताकारों ने वहां के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ मुलाकात की। इस दौरान तेहरान ने अपनी कुछ मांगे उनके सामने रखी।

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान में शनिवार को अमेरिका और ईरान के डेलिगेशन शांति वार्ता का हिस्सा बनने के लिए पहुंच गए हैं। इस अहम कूटनीतिक बातचीत के पहले ईरानी वार्ताकारों ने वहां के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ मुलाकात की। इस दौरान तेहरान ने अपनी कुछ मांगे उनके सामने रखी। ये खबर सामने आने के बाद माना जा रहा है कि इन्हीं मांगों पर ईरान अमेरिका के साथ चर्चा करने वाला है।

ईरान वार्ता के दौरान इन मांगों पर करेगा चर्चा?

ईरानी डेलिगेशन ने पाकिस्तानी पीएम शरीफ के सामने अपनी चार अहम मांगे रखी है। जिसमें बताया जा रहा है कि अमेरिका द्वारा ईरान की संपत्तियों पर लगाए गए प्रतिबंध तुरंत हटाए जाए। दूसरे नंबर पर, लेबनान में इजरायली हमलों पर तत्काल रोक लगे और सीजफायर लागू हो। तेहरान ने अपनी तीसरी मांग में समुद्री रास्ता होर्मुज स्ट्रेट से डेली सिर्फ 15 जहाजों की निकलने की सीमा तय हो साथ ही यहां पर आवागमन पर शुल्क लागू किए जाए। इसके साथ डेलिगेशन ने चौथी मांग में बताया कि खाड़ी देशों से अमेरिकी सैनिकों की वापसी सुनिश्चित हो।

शांति समझौते वार्ता से पहले अहम संकेत

इन घटनाक्रमों के बीच एक वरिष्ठ ईरान सूत्र ने दावा करते हुए बताया कि अमेरिका ने कतर समेत अन्य विदेशी बैंकों द्वारा जब्त की गई ईरानी संपत्तियों को छोड़ने पर सहमति दे दी है। जिसे वॉशिंगटन की तरफ से इस शांति समझौते में अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका की तरफ से पहुंचे डेलिगेशन में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर समेत अन्य प्रतिनिधि शामिल है। जो आज सुबह इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं।

शांति वार्ता के लिए अगले 48 घंटे बेहद जरूरी

ईरानी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने बताया कि इस शांति वार्ता के लिए 15 दिन की समयसीमा तय की गई है। इसके अगले 48 घंटे सबसे जरूरी बताए गए हैं। इस दौरान यह मैसेज निकलकर आएगा कि युद्धविराम पर स्थायी सहमति बन सकती है या फिर तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है।

Created On :   11 April 2026 7:00 PM IST

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