US News: ब्राजील के फ्लावियो बोल्सोनारो के अमेरिका पहुंचने पर रूबियो की सफाई, बोले- ट्रंप प्रशासन ने नहीं की कोई मदद

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ब्राजील राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद देश छोड़कर अमेरिका पहुंचे फ्लावियो बोल्सोनारो को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफतौर पर कहा कि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने फ्लावियो की अमेरिका यात्रा में किसी तरह की मदद नहीं की। हालांकि ट्रंप ने उन्हें देश में प्रवेश की अनुमति देने का फैसला किया था।
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जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए अटलांटा पहुंचे रूबियो ने मीडिया से कहा कि अमेरिकी प्रशासन को फ्लावियो के अमेरिका पहुंचने की जानकारी मिली थी। उनके पास पहले से वीजा था और राष्ट्रपति ने उन्हें प्रवेश देने की अनुमति दी। रूबियो और ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा के बीच भी मुलाकात हुई। नवंबर में फ्रांस में होने वाली विदेश मंत्रियों की बैठक में भी दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बातचीत हो सकती है।
चुनावी हार के बाद ब्राजील छोड़कर पहुंचे अमेरिका
मिली जानकारी के मुताबिक फ्लावियो बोल्सोनारो बुधवार को मियामी पहुंचे थे। उन्होंने ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के खिलाफ चुनाव में हार स्वीकार नहीं की है। उन्होंने बिना सबूत चुनाव में धांधली के आरोप लगाए हैं। उनके पिता और ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने भी 2022 में लूला से मिली हार को स्वीकार नहीं किया था। तख्तापलट की कोशिश के मामले में उन्हें 27 साल की सजा सुनाई गई है।
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खुद को बताया ब्राजील का वास्तविक निर्वाचित राष्ट्रपति
45 वर्षीय फ्लावियो ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम लाइव के दौरान खुद को राजनीतिक निशाने का शिकार बताया। इससे पहले बुधवार को लिखे एक पत्र में उन्होंने खुद को ब्राजील का वास्तविक निर्वाचित राष्ट्रपति बताया था, हालांकि बाद में उन्होंने अपना दावा नरम करते हुए खुद को नेता कहा। फ्लावियो के खिलाफ ब्राजील में भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और कर चोरी से जुड़े मामलों की जांच चल रही है। पुलिस ने उनके देश छोड़कर भागने की आशंका के चलते पासपोर्ट जमा कराने का आदेश दिया था।
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