Iran-Israel War: ईरान के साथ युद्ध में ब्रिटेन नहीं होगा शामिल, क्यों बुलानी पड़ी 35 देशों की मीटिंग?

ईरान के साथ युद्ध में ब्रिटेन नहीं होगा शामिल, क्यों बुलानी पड़ी 35 देशों की मीटिंग?
ईरान - इजरायल के बीच तनाव कम नहीं हो रहा है। ब्रिटेन जंग से दूर है और समाधान चाहता है, जबकि अमेरिका सख्त रुख में है। इससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पिछले एक महीने से ईरान को लेकर चल रहा तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता जा रहा है। अमेरिका अपनी शर्तों पर समझौता करना चाहता है, लेकिन ईरान इसके लिए तैयार नहीं है। इसी बीच ब्रिटेन ने साफ कर दिया है कि वह इस जंग का हिस्सा नहीं बनेगा। हालात ऐसे हो गए हैं कि अब यह मुद्दा सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे वेस्ट एशिया के लिए खतरा बन गया है। दुनिया के कई देश इस स्थिति को लेकर चिंता में हैं। खासकर तेल और व्यापार पर इसका असर पड़ सकता है, जिससे आम लोगों की जिंदगी भी प्रभाावित होगी।

ब्रिटेन ने जंग से बनाई दूरी

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने साफ कहा है कि उनका देश इस जंग में शामिल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह उनकी जंंैग नहीं है और वे इसमें फंसना नहीं चाहते। उनका फोकस अपने देश के लोगों की सुरक्षा पर है।

होर्मुज स्ट्रेट खोलने की कोशिश

ब्रिटेन अब जंग के बजाय समाधान पर ध्यान दे रहा है। इसके लिए वह लगभग 35 देशों के साथ एक बड़ी मीटिंग करेगा। इस मीटिंग में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने पर बात होगी जो तेल सप्लाई के लिए बहुत जरूरी है।

अमेरिका और ट्रंप का रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के साथ सख्त रुख अपनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि वे ईरान से डील करना चाहते हैं, लेकिन अपने तरीके से। साथ ही उन्होंने नाटो को भी कमजोर बताया और उससे बाहर निकलने की बात कही।

Created On :   1 April 2026 4:30 PM IST

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