Iran-US War: जंग के बीच ईरान के नेताओं को लग रहा डर? मीटिंग्स से लेकर फोन कॉल्स तक का नहीं दे रहे जवाब, जानें क्या है इसकी वजह

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में लगातार जंग देखने को मिल रही है। इसी बीच जंग का असर ईरान पर साफ नजर आ रहा है। ईरान में ऐसे हाल हो गए हैं कि सरकार बड़े फैसले लेने के लिए एक दूसरे से मिल भी नहीं पा रहे हैं। युद्ध शुरू होने के लगभग 4 हफ्तों में ईरान के कई बड़े नेता और उनके सहयोगी मर चुके हैं। इसके बाद जो भी नेता बचे हैं, उनको आपस में बात करने में और एक दूसरे तक संदेश भेजने में परेशानी हो रही है। साथ ही ईरानी नेता एक दूसरे से मिल भी नहीं पा रहे हैं, क्योंकि उनको चिंता सता रही है कि उन पर नजर रखी जा रही है और अगर वे बातचीत के लिए मिलते हैं तो उन पर निशाना ना साध दिया जाए।
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डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने क्या कहा?
इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन का कहना है कि अब ईरान में नई सरकार काम कर रही है। उस पर जल्द ही समझौता होने का भी दबाव डाला जा रहा है। ऐसे में परेशानी ये है कि सरकार को फैसले लेने में परेशानी हो रही है। इससे बातचीत करके एक नतीजे पर पहुंचना भी बहुत ही मुश्किल हो रहा है। नए नेताओं के सामने ये भी साफ नहीं हो पा रहा है कि वे कैसे समझौता करें और किससे सलाह लें।
ईरान पर पड़ रहा दबाव
कुछ पूर्व अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि जब युद्ध की वजह से ईरान पर आर्थिक दबाव और ज्यादा बढ़ जाेगा तो ईरान समझौते की तरफ जा सकता है। इसी दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी भी जारी की है कि अगर जल्दी समझौता नहीं हुआ तो ये युद्ध और ज्यादा बढ़ सकता है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि अमेरिका की सेना ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खर्ग आईलैंड पर भी कब्जा कर सकती है। ईरान में कम्यूनिकेशन भी नहीं हो पा रहा है, जिससे बचे हुए नेताओं में डर का माहौल देखने को मिलरहा है। उनको ऐसा लग रहा है कि खुफिया एजेंसी उनके फोन्स और मैसेजेस पर नजर गड़ाए हुए हैं।
Created On :   31 March 2026 5:27 PM IST













