Israel US Iran War: युद्ध के बीच ईरान का इजराइल पर साइबर अटैक, 50 कंपनियों के डेटा और सिक्योरिटी कैमरा हैक

युद्ध के बीच ईरान का इजराइल पर साइबर अटैक, 50 कंपनियों के डेटा और सिक्योरिटी कैमरा हैक
अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच भीषण जंग जारी है। इस युद्ध में दोनों पक्षों की ओर से ताबड़तोड़ हमलों किए जा रहे हैं। इस बीच ईरान ने इजराइल के खिलाफ साइबर अटैक किया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच भीषण जंग जारी है। इस युद्ध में दोनों पक्षों की ओर से ताबड़तोड़ हमलों किए जा रहे हैं। इस बीच ईरान ने इजराइल के खिलाफ बड़ा हमला किया है। जिससे इजराइल को बड़ा नुकसान हो सकता है।

ईरान का इजराइल पर साइबर अटैक

दरअसल, इस बार ईरान ने इजराइल के खिलाफ कोई सैन्य हमला नहीं, बल्कि साइबर अटैक किया है। ईरान ने इजराइल की 50 कंपनियों के डाटा को हैक किया है। इसमें इजराइल के सिक्योरिटी कैमरे को भी हैक किया गया है। इजराइल का कहना है कि हैकर की लोकेशन तेहरान की बताई जा रही है।

इससे पहले अमेरिका ने ईरान के इस्फाहान शहर पर बड़ा हमला किया है जिसे एक अहम परमाणु केंद्र माना जाता है। खबरों के अनुसार, इस हमले में भारी ताकत वाले बंकर बस्टर बम का इस्तेमाल किया गया। हमले के बाद इलाके में तेज धमाके सुने गए और लोगों में डर फैल गया। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब कहा जा रहा था कि अमेरिका जल्द ही युद्ध खत्म करना चाहता है, लेकिन हालात उल्टे और बिगड़ते दिख रहे हैं।

इस्फाहान में बड़ा हमला

अमेरिका ने इस्फाहान शहर को निशाना बनाते हुए जोरदार एयर स्ट्राइक की। बताया जा रहा है कि 1000 किलो तक के बंकर बस्टर बम का इस्तेमाल हुआ। यह बम जमीन के अंदर तक जाकर हमला करते हैं। अटैक के बाद कई जगह धमाके हुए और धुएं का गुबार देखने को मिला। अभी तक यह साफ नहीं है कि परमाणु संयंत्र को कितना नुकसान पहुंचा है, लेकिन घटना को बहुत गंभीर माना जा रहा है।

यूरेनियम स्टोरेज को लेकर चिंता

इस्फाहान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां ईरान के यूरेनियम रखने की खबरें आती रही हैं। कहा जा रहा है कि करीब 540 किलो यूरेनियम यहां छिपाकर रखा गया है। यह भी बताया गया है कि इसे जमीन के नीचे सुरक्षित जगहों पर रखा गया है। अगर यह सच है, तो हमला और भी खतरनाक माना जा सकता है। हालांकि, अभी तक इसकी पूरी पुष्टि नहीं हुई है।

ट्रंप की मांग और इजरायल की भूमिका

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ईरान के सामने कई शर्तें रखी थीं, जिन्हें ईरान ने मानने से इनकार कर दिया। इन शर्तों में परमाणु केंद्र बंद करना भी शामिल था। वहीं, इजरायल भी पहले इस्फाहान और तेहरान जैसे शहरों पर हमले कर चुका है। दोनों देशों के लगातार हमलों से हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं और बड़े युद्ध का खतरा बढ़ गया है।

Created On :   31 March 2026 12:50 PM IST

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