US-Israel Iran War: ईरान युद्ध में अकेले पड़ते नजर आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, इन दो सहयोगी देशों ने साथ देने से किया इनकार?

ईरान युद्ध में अकेले पड़ते नजर आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, इन दो सहयोगी देशों ने साथ देने से किया इनकार?
ईरान जंग में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुरे फंसते हुए दिखाई दे रहे हैं। ब्रिटेन (UK) के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ईरान में अपनी सेना भेजने से साफ मना कर दिया है।

डिजिटल डेस्क, लंदन। ईरान जंग में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुरे फंसते हुए दिखाई दे रहे हैं। ब्रिटेन (UK) के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ईरान में अपनी सेना भेजने से साफ मना कर दिया है। उनके अलावा स्पेन ने भी अमेरिका को अपना साथ देने से इनकार कर दिया है। उसका कहना है कि ईरान के साथ युद्ध में वह अपना एयरस्पेस नहीं देने वाले हैं। स्पेन ने अपने एक बयान में कहा कि उनके दोनों बेस लड़ाई या रिफ्यूलिंग के लिए इस्तेमाल नहीं करे।

ब्रिटिश PM ने क्या कहा?

पीएम कीर स्टार्मर का कहना है कि वे अपनी सेना ईरान में नहीं भेजने वाले हैं। उन्होंने ऐसे बयान देकर इस संघर्ष में अपनी भागीदारी से सीधे अलग कर लिया है। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी भूमिका सिर्फ रक्षात्मक बनी रहेगी। उन्होंने आगे कहा, "यह हमारी लड़ाई नहीं है। हम इसमें शामिल नहीं होंगे।"

उनका आगे कहना है, "यूके ब्रिटिश लोगों की जान, ब्रिटिश हितों और जाहिर है, इस क्षेत्र में हमारे सहयोगियों की रक्षा के लिए रक्षात्मक कार्रवाई कर रहा है। ब्रिटेन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने में मदद करने के अपने प्रयास जारी रखेगा। साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि हम इस लड़ाई में नहीं घसीटे जाएंगे।" हालांकि, यूके ने अमेरिका को ईरानी ठिकानों पर हमले करने के लिए उनके ठिकानों का इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है।

अमेरिका को स्पेन से भी लगा झटका

स्पेन का कहना है कि वह इस युद्ध में अपने एयरक्राफ्ट और एयरस्पेस का उपयोग नहीं करने देगा। इसके साथ ही उसने लड़ाई या रीफ्यूलिंग के लिए अपने रोटा और मोरोन बेस के इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इस कारण अमेरिका ने स्पेन में मोरोन एयर बेस पर B-52 और B-1 बॉम्बर तैनात नहीं करने का फैसला लिया है। स्पेन के इकॉनमी मंत्री ने बताया कि इस जंग में भाग लेने वाले विमान के लिए एयरस्पेस बंद करने दिया है। अगर ऐसा नहीं करेंगे तो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होगा।

Created On :   30 March 2026 10:54 PM IST

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