Iran US War: ईरान पर अमेरिकी हमलों की चीन ने की निंदा, क्या ड्रैगन से बढ़ेगी डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें

ईरान पर अमेरिकी हमलों की चीन ने की निंदा, क्या ड्रैगन से बढ़ेगी डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें
मिडिल ईस्ट में इजराइल-अमेरिका-ईरान के बीच जंग आक्रमक होती जा रही है। इस जंग में दोनों पक्षों की ओर से ताबड़तोड़ हमलों का सिलसिला जारी है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में इजराइल-अमेरिका-ईरान के बीच जंग आक्रमक होती जा रही है। इस जंग में दोनों पक्षों की ओर से ताबड़तोड़ हमलों का सिलसिला जारी है। इस बीच चीन ने ईरान के खिलाफ अमेरिका के हमलों की निंदा की है। चीन ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से मुख्य समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने सोमवार को कहा कि लंबे समय तक चलने वाली लड़ाई और बढ़ता संघर्ष किसी भी पक्ष के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि नागरिक और नागरिक सुविधाओं पर होने वाले हमलों का चीन विरोध करता है।

ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमलों की चीन ने की निंदा

इस दौरान चीन ने मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य ऑपरेशन को तुरंत रोकने और जल्द से जल्द शांति वार्ता की प्रक्रिया शुरू करने पर जोर दिया। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने कहा कि जब तक सैन्य कार्रवाई बंद नहीं होगी तब तक किसी भी समस्या का समाधान नहीं खोजा जा सकता है। माओ निंग ने कहा कि हम तनाव कम करने के प्रयासों के लिए पाकिस्तान की सराहना करते हैं। इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने रविवार को कहा कि मध्यस्थता प्रयासों के तहत अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की मेजबानी करना इस्लामाबाद के लिए सम्मान की बात होगी।

माओ निंग ने कहा, 'चीन मध्यस्थ के रूप में काम का समर्थन करता है। दुश्मनी को खत्म कर शांति स्थापित करने के लिए हम पाकिस्तान और अन्य पक्षों के साथ काम करने के लिए तैयार हैं।' दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका के विदेश मंत्री लगातार ईरान को धमकी दे रहे हैं। अमेरिका का कहना है कि ईरान कई मद्दों पर सहमत हो गया है, जबकि तेहरान ने कहा है कि प्रस्ताव में अधिकतर उन चीजों का जिक्र था, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

अमेरिका ने ईरान को फिर से दी चेतावनी

ट्रंप का कहना है कि अमेरिका ईरान के नए नेतृत्व के साथ बातचीत कर रहा है। उन्होंने धमकी देते हुए कहा, 'अगर ईरान जल्दी ही कोई समझौता नहीं करता है और स्ट्रेट ऑप होर्मुज को नहीं खोलता है तो हम ईरान के पावर प्लांट, ऑयल वेल, खार्ग द्वीप को तबाह कर देंगे। हमने जानबूझकर अभी तक इन जगहों को छुआ नहीं है।' मार्को रुबियो ने कहा है कि अगर ईरान समझौते के लिए राजी नहीं हुआ तो उस स्थिति के लिए भी अमेरिका को तैयार रहना चाहिए।

Created On :   30 March 2026 7:53 PM IST

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