US-Iran War: जंग में सरपंच बनने चला था पाकिस्तान, ईरान ने दिखाई औकात, कहा - 'PAK की कोई भूमिका नहीं..'

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान के अमेरिका-ईरान के बीच खुद को एक मध्यस्थ के रूप में पेश करने के दावे की पोल खुल गई है। ईरान ने उसके इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। भारत में मौजूद ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के प्रतिनिधी अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा है कि इस युद्ध में पाकिस्तान की कोई भूमिका नहीं है।
खबरों को बताया गलत
इलाही ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान के जरिए बातचीत की खबरें पूरी तरह गलत हैं। इस तरह की खबरें केवल तेल की कीमतों को प्रभावित करने के लिए फैलाई जाती हैं। हकीकत में कोई बातचीत नहीं हो रही हैं, कुछ देश बस दिखावे के लिए यह सब कर रहे हैं।
ईरान जंग नहीं चाहता
वहीं, भारत की भूमिका पर उन्होंने कहा कि भारत समेत दुनिया के अन्य देश इस जंग को रोकने में मदद कर सकते हैं। सब मिलकर ऐसा करें तो जंग रोकी जा सकती है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि ईरान जंग नहीं चाहता, बल्कि इसे जल्द खत्म करना चाहता है। यह एक जबरदस्ती थोपा गया युद्ध है, जिससे दुनिया के कई देश प्रभावित हो रहे हैं।
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उधर, ईरान ने अमेरिका के 48 घंटे में होर्मुज स्ट्रेट खोलने के अल्टीमेटम को ठुकरा दिया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका बेबस होकर ऐसी धमकियां दे रहा है। बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज खोलने या समझौता करने का अल्टीमेटम दिया था और ऐसा न करने पर उसके पॉवर प्लांटों को तबाह करने की धमकी दी थी। अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने अमेरिका पर पलटवार करते हुए कहा कि अमेरिका का इस तरह से खोखली धमकी देना नई बात नहीं है। वे पिछले 47 सालों से ऐसा कर रहे हैं और कुछ नहीं कर पाए हैं। न ही वह अब कुछ कर पाएंगे।
Created On :   5 April 2026 10:14 PM IST













