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Vice Presidential Debate 2020: कोरोना से लेकर चीन तक, जानिए कमला हैरिस और पेंस ने क्या कहा?

Vice Presidential Debate 2020: कोरोना से लेकर चीन तक, जानिए कमला हैरिस और पेंस ने क्या कहा?

हाईलाइट

  • अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले एकमात्र वाइस प्रेसिडेंशियल डिबेट
  • रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से उपराष्ट्रपति माइक पेन्स
  • डेमोक्रेट पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले एकमात्र वाइस प्रेसिडेंशियल डिबेट साल्ट लेक सिटी में हुई। रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से उपराष्ट्रपति माइक पेन्स और डेमोक्रेट पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस ने इसमें हिस्सा लिया। वाइस प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान दोनों कैंडिडेट्स के सामने प्रोटेक्शन ग्लासेस यानी शीशे लगाए गए थे। 12 फीट की दूरी रही। कमला हैरिस ने आक्रमक रुख अपनाते हुए डोनाल्ड ट्रम्प की कोरोना महामारी से निपटने की रणनीति को अमेरिकी प्रशासन की "सबसे बड़ी विफलता" बताया। इ पर माइक पेंस ने कहा कि राष्ट्रपति ने चीन से यात्रा रद्द कर दी थी - ऐसा निर्णय जिसने कई लोगों की जान बचाने में मदद की। उन्होंने बाद में चाइना ट्रेड वॉर, इकोनॉमी और ट्रम्प के टैक्सों पर चर्चा की। इस डिबेट का संचालन पत्रकार सुज़ैन पेज ने किया।

90 मिनट की इस डिबेट में अलग-अलग सवाल किए गए:
पहला: कोरोना वायरस महामारी
दूसरा: स्वास्थ्य, पारदर्शिता और टैक्स
तीसरा:अमरीका के लिए चीन क्या है?
चौथा: सुरक्षा और चरमपंथ
पांचवा: अगर ट्रंप ने पद छोड़ने से इनकार किया?
छठा: आठवीं कक्षा की छात्रा का सवाल

कोरोना महामारी
सुज़ैन पेज ने सवाल किया कि बाइडन प्रशासन ऐसा क्या करेगा जो डोनाल्ड ट्रंप नहीं कर पाए? इसके जवाब में कमला हैरिस ने कहा, 'राष्टपति ट्रंप ने कोरोना वायरस को अफ़वाह बताया था। उन्होंने महमारी के बारे में अहम जानकारियां छिपाई थीं और अब भी उनके पास कोई ठोस प्लान नहीं है।' वहीं इसी सवाल के जवाब में पेंस ने कहा कि 'ट्रंप सरकार ने टास्क फ़ोर्स बनाई और सभी ज़रूरी कदम उठाए।' पेंस ने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप ने उस समय चीन-अमरीका के बीच सभी उड़ाने रद्द कर दीं जब अमरीका में कोरोना संक्रमण के सिर्फ़ पांच मामले थे। उस समय बाइडन ने इस फ़ैसले को ज़ेनोफ़ोबिक (दूसरे देशों से नफ़रत करने वाली विचारधारा से प्रभावित बताया) था।' कमला हैरिस ने इन दावों को झूठ बताया और कहा कि ट्रंप प्रशासन के सभी प्लान फ़ेल हो गए इसलिए देश में दो लाख से अधिक लोगों की जान चली गई। पेंस ने कहा, अगर ठोस कदम नहीं उठाए होते हो 20 लाख अमरीकी लोगों की जान चली जाती।

हेल्थ, ट्रांसपेरेंसी और टैक्स
पेज ने पूछा कि क्या दोनों उम्मीदवार स्वास्थ्य से जुड़े रिक़ॉर्ड सार्वजनिक करेंगे? कमला हैरिस ने इसके जवाब में कहा कि वो स्वास्थ्य और टैक्स से जुड़े सभी दस्तावेज लोगों के लिए सार्वजनिक करने के पक्ष में हैं। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रंप अमरीकी इतिहास के पहले राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने अपने टैक्स रिटर्न से जुड़ी जानकारियां सार्वजनिक नहीं कीं। हैरिस ने कहा जब मैंने सुना कि उन्होंने 750 डॉलर टैक्स दिया है, मुझे लगा कि उन्होंने 7.5 लाख डॉलर का टैक्स दिया है, लेकिन बताया गया कि सिर्फ़ 750 डॉलर दिए गए। इस पर पेंस ने अपने जवाब में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने हज़ारों लोगों को नौकरियां दी हैं और उनकी आमदनी से जुड़ी सभी जानकारियां मौजूद हैं। हैरिस ने कहा कि अमरीका के लोगों के स्वास्थ्य के लिए बाइडन ओबामा के साथ मिलकर 'ओबामा केयर' लेकर आए थे। पेंस ने इसे एक 'ख़राब नीति' बताया।

अमेरिका के लिए चीन क्या है?
सुज़ैन ने पूछा कि चीन के बारे में दोनों उम्मीदवारों की क्या राय है? माइक पेंस ने इसका जवाब देते हुए कहा कि चीन कोरोना महामारी के लिए ज़िम्मेदार है क्योंकि उसने दुनिया से इससे जुड़ी जानकारियां छिपाईं। पेंस ने कहा, ट्रंप चीन के सामने खड़े हुए। उन्होंने चीन की यात्रा पर रोक लगाई और जो बाइडन ने इस फ़ैसले का विरोध किया था। वहीं, कमला हैरिस ने कहा कि चीन से बिगड़ते रिश्तों के कारण ही अमरीका में कई लोगों की जान गई। हैरिस ने आरोप लगाया कि चीन के प्रति ट्रंप की नीतियों के कारण लोगों की नौकरियां गईं और किसान दिवालिया हो गए। उन्होंने कहा, राष्ट्रपति चीन के साथ ट्रेड वॉर हार चुके हैं। ऐसा अनुमान है कि ट्रंप के प्रशासन का कार्यकाल ख़त्म होने तक उतनी नौकरियां जा चुकी होंगी, जितनी पहले किसी राष्ट्रपति के रहते नहीं गईं। कमला हैरिस ने कहा, हमारे सहयोगी देशों के नेताओं का ट्रंप से ज़्यादा भरोसा शी ज़िनपिंग पर है। माइक पेंस ने इसके जवाब में कहा कि जो बाइडन 'कम्युनिस्ट चीन के चियरलीडर की तरह' काम कर रहे थे और उन्होंने नौकरियों को लेकर कुछ नहीं किया।

सिक्योरिटी एंड एक्सट्रेमिज्म
सुरक्षा और चरमपंथ के सवाल पर कमला हैरिस ने आरोप लगाया कि अमरीका ने मित्र देशों को छोड़कर 'दुनिया के तानाशाहों' का साथ दिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने 'इंटेलिजेंस के मामले में सहयोगी देशों से अधिक तरजीह रूसी राष्ट्रपति पुतिन को दी। हैरिस ने कहा ट्रंप न्यूक्लियर डील से हाथ खींचकर 'अमरीका को कम सुरक्षित बना दिया है।' वहीं, पेंस ने कहा कि अमरीका ने इजरायल के मुद्दे पर अपना वादा पूरा किया और दूतावास को तेल अवीव से येरूशलम शिफ़्ट किया। उन्होंने कहा, अमरीका ने नेटो में भी पहले से अधिक योगदान दिया है। ट्रंप प्रशासन आईएस जैसे चरमपंथी गुटों से भी बेहतर तरीके से निपटने में कामयाब रहा है।

अगर ट्रंप ने पद छोड़ने से इनकार किया?
सुज़ैन पेज ने पूछा कि अगर ट्रंप ने चुनाव हारने के बाद शांतिपूर्ण ढंग से पद छोड़ने से इनकार किया तो उस स्थिति में क्या होगा? इसके जवाब में पेंस ने कहा, सबसे पहले तो मुझे लगता है कि हम चुनाव जीत जाएंगे। वहीं, कमला हैरिस ने कहा उनके और बाइडन के पास लोगों का भरोसा है। उन्होंने कहा कि जो बाइडन के चुनाव लड़ने के पीछे मुख्य वजहों में एक यही थी कि वो पिछले चार सालों में फैलाए गए नफरत और अलगाव से दुखी थे। उन्होंने कहा, प्लीज़ वोट करिए। वोट करने के लिए एक प्लान के साथ आइए।

आठवीं कक्षा की छात्रा का सवाल
सुज़ैन पेज ने इस डिबेट के आखिर में दोनों उम्मीदवारों से आठवीं कक्षा की एक छात्रा का भेजा सवाल पूछा। छात्रा ने पूछा, अगर हमारे नेता साथ मिलकर नहीं चल सकते तो नागरिक साथ कैसे चलेंगे.? पेंस ने कहा कि लोगों को यह नहीं समझना चाहिए कि अमरीका वैसा है जैसे कि न्यूज़ चैनलों में दिखता है। उन्होंने कहा, यहां अमरीका में बहस के दौरान हमारे मतभेद होते हैं लेकिन जब बहस ख़त्म हो जाती है। हम अमरीकी नागरिकों की तरह साथ आ जाते हैं।
 

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डिजिटल इंडिया को गति देता रोहित मेहता का Startup Digital Gabbar

डिजिटल इंडिया को गति देता रोहित मेहता का Startup Digital Gabbar

डिजिटल डेस्क,भोपाल। "सफलता सिर्फ उनको नहीं मिलती जो सफल होने की इच्छा रखते है, सफल हमेशा वही होता है जो आगे बढ़ कर उन्हे पाने की चाहत रखते है।" ये उद्धहरण उनके लिए नहीं है जो आराम की जिंदगी को छोड़ कर बाहर नहीं निकालना चाहते, बल्कि ये उनपे लागू होती है जो निरंतर प्रयास करते रहते है।

इसी तर्ज पर चलते हुए, बिहार के पटना के शहर से आने वाले आईटी और तकनीक प्रेमी डबल मास्टर्स डिग्री धारी ने डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय यात्रा शुरू की थी, लेकिन आज वो इस मुकाम पर पहुँचे जाएंगे उन्होंने ऐसा नहीं सोचा होगा, की कुछ साल बाद, वह उन युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगे जो digital content curation में करियर बनाने की इच्छा रखते हैं।

उक्त व्यक्ति और कोई नहीं, बल्कि प्रसिद्ध digital marketer रोहित मेहता हैं, जो एक ब्लॉगर के रूप में उत्कृष्ट हैं और एक प्रख्यात आईटी विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने अपनी ज्ञानवर्धक ई-पुस्तकों के साथ दुनिया के साथ अपने ज्ञान को साझा करते हुए कई अहम भूमिकाएँ निभाई हैं।

एक दशक से अधिक की अवधि के लिए IT industry में काम करने के बाद, रोहित मेहता ने खुद को एक ऐसे tech blogger के रूप में प्रतिष्ठित किया है जो अपने पाठकों के साथ ऐसी तकनीकी ज्ञान को साझा करता है जो उन्हें बेहतर बेहतर बनने में मदद करती है।

हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओ में अपनी किताब को करने वाले रोहित ने ये साबित कर दिया है की डिजिटल मार्केटिंग केवल अंग्रेजी जानने वालों के लिए नहीं है। हिंदी में भी पढ़ कर आप इसे सिख सकते है ओर अपना करियर बन सकते है। इनकी सबसे अधिक लोकप्रिये बुक '15 Proven Secrets of Internet Traffic Mastery' है, जिसमे अपने अनलाईन बिजनस या ब्लॉग पर ट्राफिक (पाठक) लाने के 15 बेहतरीन तरीके बताए है।

आज, रोहित मेहता डिजिटल गब्बर (Digital Gabbar) नामक भारत के सबसे बड़े डिजिटल कंटेंट प्लेटफ़ॉर्म के संस्थापक संपादक हैं, एक अभूतपूर्व विज़न जिसका नेतृत्व डिजिटल उत्साही लोगों के एक समूह द्वारा किया जा रहा है।

जीवन में अपनी विभिन्न गतिविधियों पर रोहित के साथ बातचीत में, वे कहते हैं, " हर दूसरे आदमी की तरह, मैं भी इंटरनेट की दुनिया में नया था जब मैनें इसमे कदम रखा था। शुरू से ही कुछ नया सीखने और उसको साझा करने की चाहते ने मुझे ब्लॉगिंग में अपना करियर शुरू करने की प्रेरणा दी, तब से मैंने पीछे नहीं देखा हर एक नए सुबह के साथ इच्छा सकती मजबूत होती गई, Digital Gabbar शुरू करने से पहले बहुत से ब्लॉग/वेबसाइटें शुरू की मगर खुशी (kick) नहीं मिली”।

"डिजिटल गब्बर केवल एक ड्रीम प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि हमारे पाठकों के साथ जुड़ने का जरिया है जो किसी भी सीमा से परे है। हम ब्लॉगिंग, एफिलिएट से सम्बंधित टिप्स और ट्रिक्स की अपडेटेड जानकारी साझा करते हैं। जैसे : मार्केटिंग, एसईओ, ड्रापशीपिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन मनी मेकिंग, गाइड्स, ट्यूटोरियल्स और बहुत कुछ।  

डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय कैरियर का नेतृत्व करने के बाद, डिजिटल गब्बर की टीम लोकप्रिय डिजिटल मार्केटर्स, ब्लॉगर्स, YouTubers, उद्यमियों के साथ साक्षात्कार की एक श्रृंखला शुरू करने पर विचार कर रही है, ताकि भविष्य में डिजिटल इंडिया उनकी एक झलक दिखा सकें। जीवन की कहानियां जो प्रेरणा मिलती है वो सायद ही किसी और कार्य से मिलती होंगी।

रोहित मेहता के प्रमुख योगदान

आज दूरदर्शी रोहित मेहता ने डिजिटल मार्केटिंग, ब्लॉगिंग, एफिलिएट, एसईओ, ड्रापशीपिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन मनी मेकिंग मे अनेकों गाइड्स और सुझावों इत्यादि अपने पाठकों के डिजिटल गब्बर पे बिल्कुल मुफ़्त में साझा करते है।

साथ ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए नए उधमियों को मुफ़्त मे सलाह भी साझा करते है। @bloggermehta से आप इन्हे फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम,ट्विटर इत्यादि पे संपर्क कर सकते है।

गब्बर रोहित का लक्ष्य

अपने ब्लॉग डिजिटल गब्बर के अनुशार रोहित बताते है की उनका लक्ष्य सिर्फ जानकारी को साझा करना नहीं है, बल्कि डिजिटल इंडिया के युवाओ से उसको अमल भी करवाना चाहते है। ताकि आने वालों कुछ सालों में डिजिटल के क्षेत्र में इंडिया युवा पीढ़ी किसी से काम न रहे। यही कारण है की इन्होंने डिजिटल गब्बर की शुरुवात हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओ में एक साथ की है।

https://www.digitalgabbar.com/ और https://www.digitalgabbar.in/ क्रमशः रोहित के इंग्लिश और हिंदी के ब्लॉग है।

साथ ही साथ रोहित मेहता ने अपने जैसे युवाओ और start-up को बढ़ावा देने के लिए Indian Gabbar के नाम से एक साइट शुरू किया है। Digital Gabbar सभी उधमी और startup को Indian gabbar के रूप में संबोधित करते हुए उनकी आर्टिकल को बिल्कुल मुफ़्त में साझा कर रहा है।

कोई भी इच्छुक व्यक्ति या संस्थान आपनी कहानी प्रकाशित करने के लिए Indian Gabbar से संपर्क करें। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।