दैनिक भास्कर हिंदी: पाक को 'आतंक की फैक्ट्री' कहने पर बौखलाया चीन

April 21st, 2018

हाईलाइट

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पाकिस्तान को 'आतंक की फैक्ट्री' कहे जाने वाले बयान के बाद चीन बौखला गया है।
  • चीन अब पाकिस्तान के बचाव में उतर आया है।
  • चीन का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान का स्पोर्ट किया जाना चाहिए।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंदन में पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा था कि भारत आतंकवाद को निर्यात करने वालों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा।
  • चीन और रूस की प्रभावी भूमिका वाले 8 सदस्यीय एससीओ समूह में भारत और पाकिस्तान के शामिल होने के बाद यह पहली बैठक हो रही है।
  • एससीओ समूह में चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान, तजाकिस्तान, कजाखिस्तान, उज्बेकिस्तान और किर्गिजस्तान शामिल हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पाकिस्तान को 'आतंक की फैक्ट्री' कहे जाने वाले बयान के बाद चीन बौखला गया है।  चीन अब पाकिस्तान के बचाव में उतर आया है। चीन का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान का सपोर्ट किया जाना चाहिए। चीन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाक का आतंक विरोधी कोशिशों का समर्थन करने की अपील की है। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंदन में पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा था कि भारत आतंकवाद को निर्यात करने वालों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। मोदी ने कहा था कि यहां आतंकवाद की फैक्ट्री लग रही है, युद्ध में सामना न कर पाने की ताकत न होने के कारण पीठ पर वार किये जाते हैं। उन्होंने कहा था कि ऐसी स्थिति में कैसे जबाव देना है हमें पता है। जाहिर तौर पर पीएम का ये इशारा पाकिस्तान की ओर था। और  अब इसी बयान पर चीन बौखलाया हुआ है।

 

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चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनइंग से प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया पूछी गई। इस पर बोलते हुए चुनइंग ने कहा कि आतंक एक ऐसा दुश्मन है जिसका सामना हम सभी कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि आतंक के खिलाफ पाकिस्तान के प्रयासों का अंतरराष्ट्रीय समुदाय समर्थन करेगा। बता दें कि चुनइंग की यह टिप्पणी 24 अप्रैल को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की बैठक से ठीक पहले आई है। इस बयान के साथ चीन ने इशारा किया है कि शंघाई कॉरपोरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) में आतंकवाद भी एक बड़ा मुद्दा होगा। पिछले साल एससीओ में भारत और पाकिस्तान दोनों शामिल थे। एससीओ का वार्षिक सम्मेलन अब जून में चीन के किंगदाओ शहर में होना है।

 

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इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज शनिवार को चीन पहुंचेंगी। रविवार को वह अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात करेंगी। हुआ ने कहा कि एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक में आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है सुरक्षा शुरू से ही एससीओ की प्राथमिकता रही है। वहीं उसी दिन एससीओ के रक्षा मंत्रियों की भी एक अलग बैठक होगी। इस बैठक में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण शामिल होंगी।

 

एससीओ में भारत, पाक के शामिल होने के बाद पहली बैठक

 

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चीन और रूस की प्रभावी भूमिका वाले 8 सदस्यीय एससीओ समूह में भारत और पाकिस्तान के शामिल होने के बाद यह पहली बैठक हो रही है। एससीओ विदेश मंत्री और एससीओ रक्षा मंत्री की इन दोनों ही बैठकों में पाकिस्तान के भी दोनों मंत्री शामिल होंगे। एससीओ समूह में चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान, तजाकिस्तान, कजाखिस्तान, उज्बेकिस्तान और किर्गिजस्तान शामिल हैं।