दैनिक भास्कर हिंदी: Corona Crisis in world: अब तक 1 लाख 34 हजार से ज्यादा मौतें, WHO पर फिर भड़के ट्रंप

April 16th, 2020

हाईलाइट

  • जर्मनी की पाबंदियों में जी जाएगी ढील
  • WHO ने ट्रंप के फैसले पर खेद जताया है
  • अमेरिका-इटली और स्पेन में सबसे ज्यादा कहर

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। पूरी दुनिया कोरोना वायरस के संक्रमण के दौर से गुजर रही है। कोरोना संक्रमण किस रफ्तार से फैल रहा है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि महज 13 दिन के भीतर यह आंकड़ा दोगुना हो गया है। कोरोना संक्रमित मरीज की संख्या 2 अप्रैल को 10 लाख हुई थी, इसके बाद 15 अप्रैल आते-आते इसका आंकड़ा 20 लाख को पार कर गया। www.worldometers.info वेबसाइट के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार सुबह 7 बजे तक दुनियाभर में 20 लाख 83 हजार 048 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 1 लाख 34 हजार 603 लोगों की मौत हो चुकी है। तो वहीं 5 लाख 10 हजार 187 लोग स्वस्थ हुए हैं। 14 लाख 38 हजार 258 लोग अब भी अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से 51 हजार 142 लोगों की हालत गंभीर है। अकेले अमेरिका जैसे सशक्त देश में दुनिया के 30 प्रतिशत से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं।

कोरोनावायरस : सबसे ज्यादा प्रभावित 10 देश

देश संक्रमित मौतें ठीक हुए
अमेरिका 6,44,089 28,529 48,701
स्पेन 1,80,569 18,812 70,853
इटली  1,65,155 21,645  38,092
फ्रांस 1,47,863  17,167 30,955
जर्मनी 1,34,753 3,804 72,600
ब्रिटेन 98,476 12,868 उपलब्ध नहीं
चीन 82,341 3,342 77,892
ईरान 76,389 4,777 49,933
तुर्की  69,392 1,518 5,674
बेल्जियम 33,573 4,440 7,107

WHO पर फिर भड़के ट्रंप
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रिफिंग के दौरान एक बार फिर WHO के प्रति अपनी नाराजगी जताई है। ट्रंप ने कहा कि जो वो सोचते हैं, बिल्कुल वही हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर उन्होंने चीन के लिए अमरीकी सरहद बंद करने की घोषणा की तो इस फैसले की आलोचना की गई। ट्रंप ने कहा कि यह दुखद है कि दूसरे देशों ने WHO के साथ अपना भरोसा जाहिर किया और उन्होंने कोई पाबंदी नहीं लगाई। आपने देखा कि इटली, स्पेन और फ्रांस में क्या हुआ। भयानक गलती हुई है और इसे शायद वो जानते हैं। ट्रंप ने WHO की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मंगलवार को अमरीका से मिलने वाले फंड को बंद करने की घोषणा की थी।

दुनियाभर के सभी सैन्य टकराव को रोकने की मांग
इस बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने फ्रेंच रेडिए आरएफआई को दिए इंटरव्यू में संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरस की अपील का समर्थन किया है, जिसमें उन्होनें आने वाले दिनों में कोरोना वायरस की महामारी को रोकने के लिए दुनिया भर में चल रहे सभी सैन्य संघर्षों को रोकने की बात कही है। मैक्रों ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी 5 देशों को इस अपील के साथ आना चाहिए।

जर्मनी की पाबंदियों में जी जाएगी ढील
जर्मनी में कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए चल रही पाबंदियां अब धीरे-धीरे खत्म की जाएंगी। चांसलर एंगेला मर्केल ने बुधवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि हालांकि सोशल डिस्टेंसिंग के नियम कम से कम 3 मई तक लागू रहेंगे। इसके साथ ही मर्केल ने सभी नागरिकों से सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क पहने रहने की अपील की है। अगले हफ्ते बंद दुकानें भी खोल दी जाएंगी। स्कूल 4 मई से खुलने शूरू होंगे।

चीन और फ्रांस के बीच विवाद बढ़ा
फ्रांस और चीन के बीच शुरू हुआ राजनयिक विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। फ्रेंच सीनेटरों ने पूछा है कि चीनी दूतावास की वेबसाइट पर अब भी वो आलेख क्यों है, जिसे लेकर विवाद शुरू हुआ है। इस आर्टिकल को लेकर फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने पेरिस स्थित चीनी दूतावास के राजदूत को समन किया था। फ्रेंच में लिखा गया यह आर्टिकल कई पार्ट में चीनी दूतावास की वेबसाइट पर छपा है। इसे चीनी दूतावास ने ट्वीट भी किया है।

WHO ने ट्रंप के फ़ैसले पर खेद जताया है
WHO प्रमुख डॉ टेड्रोस एडनम गिब्रिएसस ने कहा कि अमरीका लंबे समय से WHO का दोस्त रहा है और वो आर्थिक रूप से मदद भी करता रहा है कि ट्रंप के इस फैसले की आलोचना हो रही है। अमरीका के जाने-माने उद्योगपति और माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक ने ट्रंप के फैसले को खतरनाक बताया है।

अमेरिका-इटली और स्पेन में सबसे ज्यादा कहर
पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या के मामले 20 लाख के पार पहुंच गए हैं। इसमें छह लाख से ज्यादा संक्रमण के मामले अकेले अमरीका में हैं। अमरीकी विश्वविद्यालय जॉन हॉपिंकस यूनिवर्सिटी के कोरोना डैशबोर्ड के मुताबिक अमरीका में संक्रमित लोगों की संख्या छह लाख 41 हजार से ज्यादा है। वहीं संक्रमण के लिहाज से स्पेन दूसरे पायदान पर है। स्पेन में एक लाख 77 हज़ार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं, जबकि इटली में संक्रमित लोगों की संख्या 1 लाख 62 हजार से ज्यादा है। मौतों के लिहाज से दुनिया भर में एक लाख 28 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अमरीका में कोरोना वायरस से अब तक 26 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इटली में 21 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। स्पेन 18,579 मौतों के साथ तीसरे पायदान पर है।

पिछले 24 घंटों में 2 हजार से ज्यादा लोगों की मौत 
कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा असर अगर किसी देश को उठना पड़ रहा है तो वह सुपर पावर अमेरिका है। जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में पिछले 24 घंटों में 2,336 लोगों की कोरोना वायरस के कारण मौत हो गई। यहां अब तक 28,383 लोगों की मौत हो चुकी है तो वहीं 6,41,299 लोग सं​क्रमित हो चुके हैं। अमेरिका द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की फंडिंग पर रोक लगाने को लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ ने नाराजगी जताई है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के हवाले से कहा गया है कि यह संसाधनों को कम करने का समय नहीं है।

ट्रंप ने WHO का फंड रोकने का आदेश दिया
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन को अमरीका से मिलने वाले फंड को रोकने का निर्देश दिया है। ट्रंप ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर WHO की भूमिका की समीक्षा की गई। अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि WHO बुनियादी काम करने भी नाकाम रहा है इसलिए उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। ट्रंप ने आरोप लगाया कि WHO हाल के हफ्तों में चीन को लेकर पक्षपाती रहा है। अमरीकी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि पूरी दुनिया को कोरोना वायरस को लेकर गलत सूचना दी गई है। ट्रंप ने कहा कि WHO की गलतियों के कारण दुनियाभर में ज्यादा मौतें हुई हैं।

बिल और मिलिंडा गेट्स ने WHO पर ट्रंप के फैसले को 'खतरनाक' बताया
माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के सह संस्थापक बिल गेट्स और उनकी पत्नी मिलिंडा गेट्स ने विश्व स्वास्थ्य संगठन का फंड रोकने के अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश को 'खतरनाक' बताया है। उन्होंने कहा कि यह इतना ही ख़तरनाक है जितना यह सुनने में लग रहा है। उन्होंने ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विश्व को विश्व स्वास्थ्य संगठन की अभी सबसे अधिक जरूरत है। उनकी संस्था विश्व स्वास्थ्य संगठन के सबसे बड़े डोनर्स में से एक है।

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