दैनिक भास्कर हिंदी: ट्रंप ने किम जोंग को दी धमकी, बोले- समझौता से किया इनकार तो कर देंगे तबाह

May 19th, 2018

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग-उन के बीच ठना मसला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। जहां सारे विश्व की निगाह इन दोनों देशों के बीच आगमी 12 जून को होने वाली बैठक पर टिकी हुई हैं, वहीं दूसरी तरफ ट्रंप ने किम जोंग को दोबारा धमकी दे दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने शुक्रवार को ट्रंप को आगाह करते हुए कहा कि अगर किम जोंग अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम पर रोक लगा देते हैं तब ही वह अपने देश की सत्ता में बने रह सकते हैं। अगर उन्होंने अमेरिका के साथ हो रहे इस समझौते से इनकार किया तो उन्हें तबाह कर दिया जाएगा। बता दें हाल ही में किम जोंग ने धमकी देते हुए कहा था कि वे अमेरिका के साथ सिंगापुर में होने वाली संभावित बैठक में शामिल नहीं होंगे।ट्रंप के इस बयान को किम जोंग के बयान के पलटवार के रूप में देखा जा रहा है।

वार्ता में शामिल ना होने का नहीं आया है अधिकारिक बयान 
ट्रंप ने वाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए, 'अगर किम अपने परमाणु हथियारों का त्याग करते हैं, तो मैं किम को सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही उनके लिए काफी कुछ करने को तैयार हूं।' उन्होंने कहा, उन्हें अमेरिका की तरफ से सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी, जो कि काफी मजबूत होगी। सबसे अच्छी बात यह होगी कि वे इस समझौते के लिए राजी हो जाएं। ट्रंप ने पत्रकारों से बताया कि उत्तर कोरिया की तरफ से वार्ता से हटने का कोई भी आधिकारिक बयान अभी वाइट हाउस नहीं पहुंचा है। उन्होंने बताया, 'हमारे लोग इस आगमी वार्ता के लिए सचमुच काम कर रह हैं, इसलिए वह उससे काफी अलग है, आप जिसके बारे में जानते हैं, जिसके विषय में पढ़ते हैं, लेकिन कई दफा जो आप पढ़ते हैं वह फर्जी समाचार नहीं होता है बल्कि वह सच होता है।  

समझौता स्वीकार या फिर लीबिया मॉडल तैयार 
ट्रंप ने किम जोंग-उन को उनकी बात मानने का ऑफर देते हुए धमकी देने के साथ दो विकल्पों के बारे में भी बताया। पहले विकल्प के तौर पर ट्रंप ने कहा कि, वे अपना परमाणु कार्यक्रम बंद कर के सत्ता में बने रहें या दूसरे विकल्प के तौर पर लीबिया के नेता मुअम्मार गद्दाफी की तरह होने वाली अपनी दुर्दशा के लिए तैयार हो जाएं। बता दें 2011 में अमेरिका द्वारा नाटो के समर्थन वाले विद्रोहियों सत्ता से बेदखल कर मार गिराया गया था। ट्रंप ने कहा, अगर आप गद्दाफी मॉडल देखेंगे तो उसे प्पोरी तरह से तबाह किया जा चुका है। हम लीबिया में उन्हें हारने के लिए गए थे। उसी तरह समझौता नहीं होने की स्थिति में उस मॉडल को क्रियान्वयन में लाया जा सकता है।