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इमरान खान ने पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री के रूप में ली शपथ, कई बार अटके

August 19th, 2018 00:36 IST

हाईलाइट

  • इमरान खान पाकिस्तान के वजीर-ए-आजम के तौर पर आज शपथ लेंगे।
  • शुक्रवार को नेशनल असेंबली ने PTI प्रमुख इमरान खान को पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री के रूप में चुना है।
  • नेशनल असेंबली के 176 सदस्यों ने इमरान के पक्ष में वोट किया।

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। इमरान खान पाकिस्तान के 22 वें प्रधानमंत्री बन गए हैं। उन्होंने अब कुछ देर पहले पीएम पद की शपथ ली। उन्हें राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने एक सादे कार्यक्रम में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इससे पहले शुक्रवार को नेशनल असेंबली ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रमुख और पूर्व क्रिकेटर इमरान खान को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में चुना था। नेशनल असेंबली के 176 सदस्यों ने इमरान के पक्ष में वोट किया, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के अध्यक्ष शाहबाज शरीफ को 96 वोट मिले।

शपथ ग्रहण में कई बार अटके इमरान
इमरान खान शपथ लेने के दौरान कई बार अटके। करीब पांच मिनट के शपथ ग्रहण में इमरान पांच बार अटके। इमरान को शपथ के वक्त उर्दू के कुछ शब्द बोलने में दिक्कत आ रही थी। शपथ ग्रहण की पूरी प्रक्रिया के दौरान लग रहा था कि इमरान खान उर्दू के अल्फाजों का उच्चारण करने में असहज महसूस कर रहे थे। ये काफी अजीबो-गरीब स्थिति थी। इमरान ने खुद असहज भाव से हंसते हुए अपनी गलती सुधारी।साथ ही राष्ट्रपति ने भी उन्हें कई बार गलती के लिए टोका और सही उच्चारण करवाया। इसके बाद आखिरकार शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो पाई।
 

भ्रष्ट नीतियों पर सख्त एक्शन
पीएम निर्वाचित होने के बाद इमरान खान ने अपने भाषण में कहा, उनका पहला कदम भ्रष्ट नीतियों पर सख्त एक्शन लेना होगा। उन्होंने कहा पाकिस्तान से जो लोग पैसे लूटकर विदेश ले गए हैं, उन पैसों को वापस लाया जाएगा। भ्रष्ट लोगों के बच निकलने के लिए कोई रास्ता नहीं छोड़ा जाएगा। महीने में कम से कम दो बार वह संसद में आएंगे और सवालों के जवाब देंगे। देश के लोगों पर जिनकी वजह से कर्ज आया है, उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। इमरान ने कहा हम ऐसी सरकार बनाएंगे जो देश के लोगों की कमाई से देश चलाएगी और हाथ फैलाने के लिए विदेश नहीं जाना पड़ेगा।

केवल जिन्ना ने ही मुझसे ज्यादा संघर्ष किया - इमरान
इमरान खान ने उन लोगों का भी शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उन्हें समर्थन दिया। इमरान ने कहा, मैं किसी सैन्य तानाशाह या सेना के कंधे पर चढ़कर यहां तक नहीं आया हूं। मैं 22 सालों के संघर्ष के बाद यहां तक पहुंचा हूं। उन्होंने कहा केवल एक ही नेता ने मुझसे ज्यादा संघर्ष किया है और वह हैं मेरे हीरो- जिन्ना। इमरान ने कहा, अगर विपक्ष चुनावों में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर गंभीर है तो सुप्रीम कोर्ट में जाए, सरकार भी उनका साथ देगी। वहीं इमरान ने कहा अगर विपक्षी दल धरना देना चाहते हैं तो मैं उन्हें वह कंटेनर देने को तैयार हूं, जिसमें बैठकर मैंने कई महीनों तक धरना दिया था। अगर शाहबाज शरीफ और फजल उर रहमान इस कंटेनर में एक महीने तक भी बैठ गए तो मैं मान लूंगा कि विपक्ष मजबूत है।

25 जुलाई को हुए थे आम चुनाव
बता दें कि कि 25 जुलाई को पाकिस्तान में आम चुनाव हुए थे। 272 सदस्यों वाली नेशनल असेंबली में बहुमत के लिए 137 सदस्यों की जरूरत थी। इमरान की पार्टी 116 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई थी। इसमें नौ निर्दलीय सदस्यों के शामिल होने के बाद यह संख्या बढ़कर 125 हो गई थी। PTI प्रवक्ता फवाद चौधरी ने दावा किया था कि उनकी पार्टी के पास पर्यापत सदस्यों का समर्थन है।

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