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Fight with Corona: WHO ने जारी की मास्क पहनने की नई गाइडलाइन, को-मॉर्बिडिटी वाले लोगों को मेडिकल ग्रेड के मास्क पहनना जरूरी

Fight with Corona: WHO ने जारी की मास्क पहनने की नई गाइडलाइन, को-मॉर्बिडिटी वाले लोगों को मेडिकल ग्रेड के मास्क पहनना जरूरी

हाईलाइट

  • कोरोना के मामलों में इटली के करीब पहुंचा भारत, एक दिन में मिले 10 हजार से ज्यादा मरीज
  • दुनिया में 69 लाख के पार पहुंचे कोरोना के मामले, WHO ने जारी की चेतावनी

डिजिटल डेस्क, जिनेवा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मास्क पहनने से जुड़ी अपनी गाइडलाइन में एक बड़ा बदलाव किया है। WHO ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए फेस मास्क सार्वजनिक रूप से पहना जाना चाहिए। WHO के डाइरेक्टर जनरल डॉ. टेड्रोड एडहोनम गेब्रेयेसस ने कहा कि हमने नई गाइडलाइन उपलब्ध प्रमाणों की समीक्षा करते हुए और इंटरनेशनल एक्सपर्ट, सिविल सोसाइटी ग्रुप्स के सुझावों पर तैयार की है।

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बता दें कि बीते कई महीनों से WHO के विशेषज्ञ इस बात को लेकर पशोपेश में थे कि मास्क पहनने से जुड़ी गाइडलाइन जारी करके लोगों में एक झूठा भाव पैदा होगा कि मास्क उन्हें कोरोना वायरस से बचा लेगा, जिससे स्वास्थ्यकर्मियों को मास्क जैसे जरूरी उपकरणों की कमी पड़ जाएगी। WHO के विशेषज्ञों के बीच ये तर्क अभी भी बना हुआ है, लेकिन इसके बाद भी WHO ने ये स्वीकार किया है कि संक्रमण के जोखिम से भरे कुछ नए सबूत सामने आए हैं। 

ये सबूत बताते हैं कि लोगों में लक्षण आने से ठीक पहले वे काफी ज्यादा संक्रमित हो सकते हैं और कुछ लोगों में संक्रमित होने के बाद भी लक्षण नहीं आते हैं। ऐसे में जहां एक—दूसरे से पर्याप्त दूरी बनाना संभव न हो, जैसे कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट, बाजार और शरणार्थी शिविर आदि, वहां घर के बने मास्क को पहनने की सलाह दी गई है, जिससे कि आप वायरस को आगे प्रसारित करने से बच सकें। 60 साल से अधिक की उम्र और को-मॉर्बिडिटी वाले लोगों को मेडिकल ग्रेड के मास्क पहनने चाहिए।

डब्ल्यूएचओ की नई गाइडलाइन

  • सभी स्वस्थ लोगों को फैब्रिक मास्क पहनना अनिवार्य होना चाहिए। फैब्रिक मास्क में तीन परतें होनी चाहिए। इसमें सूत का अस्तर, पोलिएस्टर की बाहरी परत और बीच में पोलिप्रोपायलीन की बनी ‘फिल्टर’ हो। जो लोग बीमार हैं, वे ही केवल मेडिकल ग्रेड का मास्क पहनें।
  • सभी देशों की सरकारें आम जनता को मास्क पहनने के लिए प्रोत्साहित करें। जहां संक्रमण ज्यादा है, वहां के लोगों को हर हाल में मास्क पहनना चाहिए। इसके साथ ही भीड़भाड़ वाली जगहों जैसे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल और दुकानों में भी मास्क पहनना बेहद जरूरी है। 
  • जिन जगहों पर संक्रमण का स्तर बहुत ज्यादा है, वहां सभी लोगों को मेडिकल-ग्रेड का मास्क ही इस्तेमाल करना चाहिए। अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ ही मरीजों और वहां मौजूद सभी लोगों को मेडिकल- ग्रेड का मास्क पहनना होगा।
  • मास्क के कुछ नुकसान भी हैं। कपड़े का मास्क गीला होने पर बदला न जाए तो संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही मास्क लगाने वाले लोग खुशफहमी का शिकार हो जाते हैं और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं देते। डब्ल्यूएचओ ने बताया कि कोरोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और हाथों को समय पर धोन भी बेहद जरूरी है। 
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M.K.JHA June 06th, 2020 23:50 IST

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M.K.JHA June 06th, 2020 23:50 IST

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M.K.JHA June 06th, 2020 23:50 IST

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