दैनिक भास्कर हिंदी: सिक्योर नहीं था फेसबुक का डेटाबेस, 26.7 करोड़ से ज्यादा यूजर्स का डेटा लीक 

December 20th, 2019

हाईलाइट

  • रिसर्चर ने किया दावा सिक्योर नहीं था डेटाबेस
  • डेटाबेस दो हफ्ते पहले पब्लिक हुआ था

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। फेसबुक एक बार फिर यूजर की निजता को लेकर सवालों के घेरे में है। सिक्योरिटी रिसर्चर बॉब डियाचेंको (Bob diachenko) ने एक डेटाबेस ढूंढा है, जिसमें 267 मिलियन यानी 26.7 करोड़ फेसबुक यूजर्स का डेटा रखा है। गंभीर समस्या ये है कि जिस सर्वर में डेटा रखा है वह सिक्योर नहीं है और न ही इसमें कोई पासवर्ड से सुरक्षित किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 26.7 करोड़ से ज्यादा यूजर्स की आईडी, फोन नंबर्स और नाम ऑनलाइन पब्लिक हो गए हैं। ये डेटाबेस इतना कमजोर है कि इसे बिना पासवर्ड और ऑथेन्टिकेशन के ऐक्सेस किया जा सकता था। रिसर्चर का मानना है कि फेसबुक का ये डेटा अवैध स्क्रैपिंग ऑपरेशन या फेसबुक API का गलत यूज करके कलेक्ट किया गया है।

अगर फेसबुक की ये दलील सही है तो भी इस डेटा लीक से एक आम यूजर की प्राइवेसी पर बड़ा खतरा आ सकता है। इस डेटाबेस का पता करने वाले रिसर्चर Bob Diachenko ने कहा है कि ये डेटाबेस के बारे में उस सर्विस प्रोवाइडर को रिपोर्ट किया था जो इस सर्वर की आईपी अड्रेस मैनेज करती है। लेकिन डेटाबेस दो हफ्ते पहले पब्लिक हुआ था।

रिसर्चर का कहना है कि फेसबुक का यूजर डेटा हैकर फोरम में एक जगह पर डाउनलोड लिंक के साथ अपलोड किया गया है।  इन फेसबुक डेटा का गलत इस्तेमाल किया गया है या नहीं ये फिलहाल साफ नहीं है। आम तौर पर इस तरह के डेटा लीक के बाद हैकर्स डार्क वेब से डेटा कलेक्ट करते हैं। इसके बाद यूजर के अकाउंट में ऐक्सेस करके उनका नुकसान किया जा सकता है।

अमेरिकी टेक वेबसाइट Engadget से फेसबुक ने कहा है कि हम इस मामले को देख रहे हैं, लेकिन हम ऐसा मानते हैं कि ये डेटा पिछले कुछ सालों से पहले का है, क्योंकि हमने हाल ही में यूजर्स की इनफॉर्मेशन प्रोटेक्ट करने के लिए बदलाव किए हैं।

 

 

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