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पाकिस्तान में सेना ही बनाती रहेगी विदेश व सुरक्षा नीति : रिपोर्ट

November 08th, 2019 18:30 IST
 पाकिस्तान में सेना ही बनाती रहेगी विदेश व सुरक्षा नीति : रिपोर्ट

हाईलाइट

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लंदन, 8 नवंबर (आईएएनएस)। इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट (ईआईयू) की भविष्य के हवाले से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में आने वाले सालों में सेना द्वारा ही विदेश व सुरक्षा नीति को बनाया जाना जारी रखा जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश की मौजूदा तहरीके इंसाफ पार्टी सरकार को इसे लेकर कोई ऐतराज नहीं है।

अखबार द इकोनॉमिस्ट से संबद्ध द इकोनॉमिस्ट ग्रुप की शोध एवं अनुसंधान शाखा द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार की रजामंदी के कारण उसके और सेना के बीच के संबंध सौहार्दपूर्ण बने रहेंगे।

रिपोर्ट में पाकिस्तान के साल 2020 से 2024 तक की राजनैतिक व आर्थिक संभावनाओं का लेखा-जोखा दिया गया है और कहा गया है कि इमराननीत पाकिस्तान तहरीके इंसाफ की सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी और विपक्ष अपने नेताओं पर लगे कई मुकदमों के कारण बिखरा रहेगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि विपक्षी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज सरकार के खिलाफ रणनीति के लिए तालमेल बना सकती हैं। इसके नतीजे में संसद में विधायी प्रक्रिया में बाधा पड़ सकती है। इससे इमरान खान सरकार पर दबाव तो पड़ सकता है लेकिन सत्ता पर उसकी पकड़ कमजोर नहीं होगी।

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि देश की राजनीति में हस्तक्षेप का इतिहास रखने वाली सेना व इसकी खुफिया इकाई एक हद तक देश की न्यायिक संस्थाओं पर अपने संविधानेत्तर प्रभाव का इस्तेमाल कर इमरान सरकार का समर्थन जारी रखेगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना इमरान प्रशासन पर अपने प्रभाव को जारी रखेगी, विशेषरूप से विदेश नीति व सुरक्षा नीति के मामले में।

इसमें कहा गया है कि जब तक सेना तहरीके इंसाफ सरकार के साथ रहेगी, इसके छोटे सहयोगी दल भी इसके साथ बने रहेंगे।

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि इन आने वाले सालों में चीन, पाकिस्तान का मुख्य रणनीतिक व आर्थिक साझेदार बना रहेगा जबकि सीमापार आतंकवाद व कश्मीर के मुद्दे पर भारत के साथ पाकिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण बने रहेंगे।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।