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कश्मीर को लेकर गंभीर ने अफरीदी को फटकारा, कहा- कुछ लोग कभी मैच्योर नहीं हो पाते


हाईलाइट

  • अफरीदी ने बुधवार को ट्वीट कर कहा था, वह कश्मीरी लोगों के साथ खड़े हैं और एलओसी का दौरा भी करेंगे
  • गंभीर ने अफरीदी को जवाब देते हुए लिखा-अफरीदी ने बड़ा होने से इनकार कर दिया है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज और भारतीय जनता पार्टी के सांसद गौतम गंभीर ने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी के नियंत्रण रेखा (एलओसी) का दौरा करने की बात कहने पर उन्हें फटकार लगाई है। भारतीय सरकार ने हाल ही में राज्य से अनुच्छेद 370 को हटाया है जिसके बाद अफरीदी ने कहा था कि, वह कश्मीर के लोगों के साथ खड़े हैं और इस बात को जाहिर करने के लिए वह नियंत्रण रेखा का दौरा करेंगे।

गंभीर ने ट्वीट किया, साथियों, इस फोटो में शाहिद अफरीदी, शाहिद अफरीदी से पूछ रहे हैं कि, शाहिद अफरीदी को शर्मिंदा करने के लिए क्या करना चाहिए, ताकि इसमें कोई शक न रह जाए कि शाहिद अफरीदी ने बड़ा होने से इनकार कर दिया है। मैं उनकी मदद के लिए ऑनलाइन किंडरगार्टन ऑर्डर कर रहा हूं। 

इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने घोषणा की थी कि कश्मीरी लोगों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए उनके देश में हर सप्ताह 30 मिनट का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 

अफरीदी ने बुधवार को ट्विटर पर लिखा, प्रधानमंत्री द्वारा कश्मीरियों के समर्थन के लिए शुरू किए गए कश्मीर आवर कार्यक्रम को अपना समर्थन दें। मैं शुक्रवार दोपहर 12 बजे इसके लिए मजार-ए-काएद (मुहम्मद अली जिन्ना की मजार) पर उपस्थित रहूंगा। उन्होंने कहा, कश्मीरी भाइयों के समर्थन के लिए मेरे साथ जुड़ें। छह सितंबर को मैं शहीदों के घर का दौरा करूंगा और जल्द ही मैं एलओसी भी जाऊंगा।

अफरीदी ने इससे पहले भारत सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग की थी। पूर्व पाकिस्तानी कप्तान जावेद मियांदाद भी पहले ही यह चुके हैं कि वह भी एलओसी का दौरा करेंगे।

अफरीदी से पहले पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश मुक्केबाज आमिर खान ने मंगलवार को एलओसी के पास के इलाके का दौरा किया था। नियंत्रण रेखा से तीन किलोमीटर पहले चखोटी नाम की जगह तक उनकी इस यात्रा का प्रबंध पाकिस्तानी सेना ने किया था और इसके लिए आमिर ने पाकिस्तानी सेना का आभार भी जताया था।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।