दैनिक भास्कर हिंदी: इमरान ने इंट्रा-अफगान संवाद का समर्थन किया

August 2nd, 2019

हाईलाइट

  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अफगानिस्तान के भविष्य के लिए एक कार्ययोजना विकसित करने के लिए एक समावेशी इंट्रा-अफगान संवाद की जरूरत का समर्थन किया है
  • समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, अफगानिस्तान सुलह के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि राजनयिक जलमई खलीलजाद ने गुरुवार को पाकिस्तान की अपनी एक दिन की यात्रा पूरी की और इसके बाद ही इमरान खान का यह बयान आया है
इस्लामाबाद, 2 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अफगानिस्तान के भविष्य के लिए एक कार्ययोजना विकसित करने के लिए एक समावेशी इंट्रा-अफगान संवाद की जरूरत का समर्थन किया है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, अफगानिस्तान सुलह के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि राजनयिक जलमई खलीलजाद ने गुरुवार को पाकिस्तान की अपनी एक दिन की यात्रा पूरी की और इसके बाद ही इमरान खान का यह बयान आया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से भी बात की।

प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है, प्रधानमंत्री ने अफगानिस्तान में शांति और सुलह प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए पाकिस्तान के अमेरिका और अन्य हितधारकों के साथ आदान-प्रदान बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

खान ने इस बात पर भी जोर दिया कि अन्य बड़े देशों के साथ पाकिस्तान की भी इच्छा एक शांतिपूर्ण और स्थिर अफगानिस्तान की है।

उन्होंने अफगानिस्तान में दीर्घकालिक शांति और स्थिरता प्राप्त करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग व समर्थन के प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया।

इससे पहले खलीलजाद ने कुरैशी को फोन किया, जिसमें अमेरिकी राजदूत ने दोहा, कतर में अमेरिकी-तालिबान शांति वार्ता के सांतवें दौर के परिणामों और अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में अपनी हालिया व्यवस्तताओं के बारे में बात की।

लगभग 10 दिनों के अपने अफगानिस्तान दौरे के बाद खलीलजाद गुरुवार अपराह्न् इस्लामाबाद पहुंचे, जहां उन्होंने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, राजनेताओं, शांति परिषद के सदस्यों, नागरिक समाज और महिला कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उन्हें अपने शांति अभियान के बारे में बताया।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि कुरैशी ने वार्ता में दोहा में इंट्रा-अफगानशांति सम्मेलन और वार्ता में हासिल हुई प्रगति का स्वागत किया, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने एक बुनियादी कार्ययोजना पर सहमति जताई।

बयान के मुताबिक, यह कहा गया कि आखिरकार इंट्रा-अफगान वार्ता एक समझौते पर पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण होगी, जहां अफगानिस्तान एक शांतिपूर्ण, समृद्ध और स्थिर देश बन जाए। इस बात पर भी जोर दिया गया कि अफगान शांति प्रक्रिया को आगे ले जाना एक साझी जिम्मेदारी है।

--आईएएनएस