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भारत और अमेरिका के बीच जल्द हो सकता व्यापार समझौता: सीतारमण

भारत और अमेरिका के बीच जल्द हो सकता व्यापार समझौता: सीतारमण

हाईलाइट

  • नवंबर की शुरुआत में भारत आ सकते हैं अमेरिकी वित्त मंत्री
  • सीतारमण ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में अमेरिकी वित्त मंत्री से मुलाकात की
  • शिकागो में रविवार को भारतीय समुदाय से मिलेंगी वित्त मंत्री

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही व्यापार समझौता हो सकता है। दोनों देश की सरकार की ओर से व्यापार समझौते पर तेज गति से काम किया जा रहा है और जल्द ही मुद्दे पर कुछ सहमति बन सकती है। अमेरिकी वित्त मंत्री नवंबर की शुरुआत में भारत आ सकते हैं। इससे पहले ही हमारे बीच व्यापार समझौतों की कुछ शर्तों पर चर्चा हुई है। यह बात अमेरिकी दौरे पर गईं भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कही।

सीतारमण ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में शनिवार को अमेरिकी वित्त मंत्री स्टीवन न्यूकिन से मुलाकात के बाद कहा कि अभी वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइजर इस पर बातचीत कर रहे हैं। मुझे जानकारी मिली है कि समझौते के लिए दोनों देश मजबूती से जुड़ रहे हैं।

सीतारमण ने आईएमएफ के प्लेनेरी सेशन को भी संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने बताया कि रविवार को मैं शिकागो में उद्योगपतियों से मुलाकात करूंगी, साथ ही यहां रहने वाले भारतीय समुदाय से भी मिलूंगी। उन्होंने बताया कि मैं एक दिन के लिए शिकागो में रहूंगी। यहां मुझे भारत के लोगों से मिलने का मौका मिलेगा।

गौरतलब है कि इसी साल जून में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत को अपने जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेज (जीएसपी) कार्यक्रम से बाहर किया था। ट्रम्प का कहना था कि उन्हें भारत से यह भरोसा नहीं मिल पाया है कि वह अपने बाजार में अमेरिकी उत्पादों को बराबर की छूट देगा। 

अमेरिका का कहना है कि भारत में पाबंदियों की वजह से उसे व्यापारिक नुकसान हो रहा है। वह जीएसपी के मापदंड पूरे करने में नाकाम रहा है। अमेरिका ने पिछले साल अप्रैल में जीएसपी के लिए तय शर्तों की समीक्षा शुरू की थी। जीएसपी के तहत भारत को अमेरिका से व्यापार में लाभार्थी का विशेष दर्जा मिला था। इस कार्यक्रम में शामिल देशों को व्यापार में विशेष तरजीह दी जाती है। अमेरिका जीएसपी में शामिल देशों से एक तय राशि तक आयात शुल्क नहीं लेता।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।