comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

माल्या ने कहा- वित्त मंत्री से हुई थी सेटलमेंट की बात, जेटली ने आरोप किया खारिज

September 13th, 2018 11:53 IST

हाईलाइट

  • शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में अहम सुनवाई चल रही है।
  • प्रत्यर्पण के बाद माल्या को भारत में मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जाएगा।
  • मुंबई की इस जेल का वीडियो भारतीय अधिकारीयों ने कोर्ट के सामने पेश किया।

डिजिटल डेस्क, लंदन। शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर बुधवार को लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। इससे पहले विजय माल्या ने दावा किया कि उन्होंने लोन के सेटलमेंट के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी। हालांकि अरुण जेटली ने सेटलमेंट के दावों को खारिज करते हुए कहा, विजय माल्या से संसद में मुलाकात जरूर हुई थी लेकिन सेटलमेंट की बात तथ्यात्मक रूप से झूठी है। 

अरुण जेटली ने कहा, राज्यसभा सदस्य होने के नाते विजय माल्या कभी-कभी सदन की कार्यावाही में हिस्सा लेते थे। माल्या ने एक बार उनसे मिलने की कोशिश की थी। उस वक्त वह सदन से निकलकर कमरे से बाहर जा रहे थे। जेटली ने कहा, विजय माल्या मुझसे मिलने के लिए तेजी से आगे बढ़े और कहा, 'मैं मामला निपटाने के लिए एक ऑफर रखना चाहता हूं। माल्या के झूठे प्रस्तावों को देखते हुए मैं किसी बात के लिए राजी नहीं हुआ और कहा कि इस मुद्दे पर मुझसे बात करने से अच्छा है बैंकों से बात करें।'

अरुण जेटली ने बताया कि उस वक्त माल्या के हाथों में कुछ कागजात भी थे जिसे उन्होंने नहीं लिया क्योंकि उनकी बातों से राज्यसभा के विशेषाधिकारों के दुरुपयोग की आशंका थी। साथ ही, बैंकं के कर्ज से जुड़े उनके कारोबारी हित को देखते हुए उन्हें उन्हें अपॉइंटमेंट देने का सवाल नहीं था। 

वेस्टमिंस्टर कोर्ट में सुनवाई के लिए दाखिल होने से पहले मीडिया से बात करते हुए माल्या ने कहा, जिनेवा में उनकी मीटिंग थी इसलिए उन्होंने देश छोड़ा था, लेकिन 2 मार्च 2016 को देश छोड़ने से पहले उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली से लोन सेटलमेंट के लिए मुलाकात की थी। उनका प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि "सभी का हिसाब चुकता किया जाए"। "जहां तक ​​मेरा संबंध है, मैंने सेटलमेंट के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट में अपील की है। मुझे उम्मीद है कि माननीय जज इसको ध्यान में रखते हुए मेरे पक्ष में फैसला सुनाएंगे।"

जब उनसे रिपोर्ट्स ने पूछा कि क्या कोर्ट को इस बात का यकीन हो गया है कि उनके पास इतने संसाधन हैं कि वह अपने वादे के मुताबिक, भुगतान कर सकेंगे? विजय माल्या ने जवाब में कहा, 'देखिए, ये ज़ाहिर है... इसीलिए सेटलमेंट की पेशकश की गई है...। माल्या ने यह भी कहा कि 'आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों को किंगफिशर के घाटे के बारे में पता था। बैंक अधिकारियों के ई-मेल से साफ है कि घाटे के बारे में सरकार की ओर से लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।

जेटली का बयान सामने आने के बाद विजय माल्या ने अपने बयान पर स्पष्टिकरण दिया। माल्या ने कहा, "मैं संसद में अरुण जेटली से मिलने आया और उनसे कहा कि मैं लंदन जा रहा हूं ... मैनें उनके साथ कोई औपचारिक बैठक नहीं थी।"

विजय माल्या से जब ये पूछा गया कि क्या वह लंदन जाने से पहले किसी और बीजेपी नेता से उन्होंने मुलाकात की थी तो उन्होंने कहा, 'मैंने संसद में अपने कई सहयोगियों से मुलाकात की और उन्हें लोन सेटलमेंट की अपनी इच्छा जाहिर की। मुझे नहीं लगता कि इससे ज्यादा जानकारी देने की जरुरत है।' 

उधर, विजय माल्या के वित्त मंत्री पर लगाए आरोपों के बाद कांग्रेस बीजेपी पर हमलावर हो गई है। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा, बैंकों से पैसे लूटने के बाद विजय माल्या भाग गए हैं। सरकार को यह जानकारी थी। इसलिए, जब वित्त मंत्री ने विजय माल्या मुद्दे पर संसद में बयान दिए, तो उन्होंने माल्या के साथ इस बैठक के बारे में उल्लेख करना चाहिए था। केवल वित्त मंत्री बता सकते हैं कि उन्होंने इसके बारे में क्यों नहीं बताया? 

प्रत्यर्पण के बाद माल्या को भारत में मुंबई की आर्थर रोड जेल के 12 नंबर बैरक में रखा जाएगा। सुनवाई के दौरान बुधवार को मुंबई की इस जेल का वीडियो भारतीय अधिकारियों ने कोर्ट के सामने पेश किया। वेस्टमिंस्टर कोर्ट के मजिस्ट्रेट ने कहा कि उन्होंने आर्थर रोड जेल का वीडियो तीन बार देखा। हालांकि माल्या के वकील ने जिरह में आग्रह किया था की इसका वीडियो कोर्ट में न दिखाया जाए। बता दें कि माल्या ने प्रत्यर्पण से बचने के लिए कहा था कि भारतीय जेलों की हालत बेहद खराब है, इसलिए उसे भारत को न सौंपा जाए। जिसके बाद कोर्ट ने भारतीय अधिकारियों को जेल का वीडियो पेश करने के लिए कहा था। इस मामले में 10 दिसंबर को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी।

गौरतलब है कि विजय माल्‍या भारतीय बैंकों का 6000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज लेकर फरार है, ब्याज समेत यह रकम करीब 10,000 करोड़ तक पहुंच जाती है। भारतीय बैंको को अरबों की चपत लगाने के बाद से ही माल्या लंदन में रह रहा है। 2 मार्च 2016 से ही माल्या लंदन में रह रहा है। ईडी और सीबीआई को माल्या की वापसी का इंतजार है। ED कई बार विजय माल्या को समन भेज चुका है।

प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) से जुड़े एक मामले में मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट  और FERA उल्लंघन मामले में पटियाला हाउस कोर्ट, विजय माल्या को भगोड़ा अपराधी घोषित कर चुकी है। उसका पासपोर्ट भी रद्द किया जा चुका है। इसी साल फरवरी में भारत ने ब्रिटेन से माल्या के प्रत्यर्पण की भी अपील की थी। 

कमेंट करें
TtKAe
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।