दैनिक भास्कर हिंदी: ICJ चुनाव : ब्रिटेन के उम्मीदवार को भारत की चुनौती, सामने आएंगे दोस्त और दुश्मन

November 21st, 2017

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। इंटरनेशनल कोर्ट (ICJ) चुनाव में भारतीय उम्मीदवार दलवीर भंडारी की दावेदारी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों को सकते में डाल दिया है। दलवीर भंडारी ने ICJ की आखिरी सीट के लिए चुनाव में ब्रिटेन के उम्मीदवार को सीधी टक्कर दी है। भंडारी और ब्रिटेन के क्रिस्टोफर ग्रीनवुड के बीच हेग स्थित इंटरनेशनल कोर्ट (ICJ) में दोबारा चुनाव के लिए कांटे की टक्कर है।

ICJ चुनाव में दलवीर भंडारी की जीत की संभावना भी अधिक लग रही है, यही कारण है कि स्थायी सदस्य सकते में हैं। संयुक्त राष्ट्र के स्थायी सदस्यों को लगता है कि यह एक ऐसी मिसाल तय करेगा जो भविष्य में इन सदस्यों की शक्ति को चुनौती दे सकता है। यह आकलन पर्यवेक्षकों ने पेश किया है।

पांचों स्थायी सदस्यों को सता रहा डर

वीटो की शक्ति रखने वाले पांच स्थायी सदस्यों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से भारत की जीत की संभावना से ये पांचों देश- ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, रुस, और अमेरिका सकते में हैं, क्योंकि यह एक मिसाल पेश करेगा और वे नहीं चाहते कि यह हो। इन सदस्यों को ऐसा लग रहा है कि आज भारत के सामने ब्रिटेन है और कल उनमें से कोई भी हो सकता है। इस दलील ने इन सभी पांच सदस्यों को साथ ला दिया है।

आज आगे निकल सकते हैं भंडारी

अब तक 11 दौर के चुनाव में भंडारी को महासभा के करीब दो तिहाई सदस्यों का समर्थन मिला है, लेकिन सुरक्षा परिषद में वह ग्रीनवुड के मुकाबले तीन मतों से पीछे हैं। 12वें दौर का चुनाव आज होना है। ब्रिटेन को डर है कि आज के मतदान में भंडारी आगे निकल सकते हैं। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य अमेरिका, रूस, फ्रांस और चीन ग्रीनवुड के पक्ष में खड़े दिखाई पड़ते हैं। सुरक्षा परिषद का पांचवां स्थायी सदस्य ब्रिटेन है।

अब तक भंडारी को मिले 5 वोट

ICJ चुनाव के लिए सुरक्षा परिषद और महासभा, दोनों ही जगह गुप्त मतदान होता है और यह जानने का कोई तरीका नहीं है कि किसने किसे वोट दिया है। अब तक के सभी दौर के चुनाव में सुरक्षा परिषद में ग्रीनवुड को 9 और भंडारी को पांच वोट मिले हैं। ऐसी संभावना है कि सोमवार को भारत अपने खाते में और वोट जोड़ सकता है।

मतदान को रोकना चाहेगा ब्रिटेन

ब्रिटेन ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों के साथ अनौपचारिक परामर्श में संयुक्त सम्मेलन प्रणाली के विचार पर विमर्श किया, क्योंकि उसे लगता है कि यह बचकर निकलने की उनकी रणनीति हो सकती है। अनौपचारिक परामर्श के दौरान सुरक्षा परिषद के सदस्यों के साथ साझा किए गए विचार में, ब्रिटेन पहले दौर के बाद ICJ का मतदान रुकवा सकता है, क्योंकि उसे डर है कि कहीं भारत ने दो तिहाई मत हासिल कर लिए तो सुरक्षा परिषद के लिए भारत के प्रत्याशी को ICJ में निर्वाचित होने से रोकना बहुत मुश्किल होगा।

उजागर होगा भारत का दोस्त और दुश्मन

भारत के लिए ब्रिटेन का मतदान रोकना फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि सुरक्षा परिषद द्वारा आगे के दौर का मतदान रोके जाने से ICJ चुनाव में गुप्त मतदान नहीं होगा। नतीजतन, जो देश भारत के साथ दोस्ती की कसमें खाते हैं और गुप्त मतदान के जरिए भारत के प्रत्याशी के खिलाफ मतदान करते हैं तो वे उजागर हो जाएंगे। सुरक्षा परिषद के सदस्य ऐसा कुछ करने से बचेंगे।