दैनिक भास्कर हिंदी: अमेरिका में भारतीय मूल के कैदी की फांसी पर लगेगी रोक !

January 12th, 2018

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। भारतीय मूल के एक अमेरिकी कैदी को दादी और पौती की हत्या का दोषी पाए जाने पर मौत की सजा सुनाई गई थी। आरोपी को मृत्यु देने की तारीख 23 फरवरी निर्धारित है, मगर सजा होने की संभावना ना के बराबर ही है, क्योंकि पेन्सिलवेनिया के गवर्नर ने वर्ष 2015 में मृत्युदंड पर रोक लगा दी थी। स्थानीय मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार भी यही संकेत जा रहे हैं, कि मौत की सजा पर रोक लग सकती है।

आरोपी की पहचान 32 वर्षीय रघुनंदन यंदामुरी के रूप में बताई जा रही है। आंध्र प्रदेश का रहने वाला यंदामुरी एच-1बी वीजा पर अमेरिका आया था। वह इलेक्ट्रिकल और कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में डिग्री धारक है।

उसने 10 साल की पोती के अपहरण की कोशिश करते हुए 61 वर्षीय दादी (भारतीय महिला) और पौती की हत्या कर दी। इन दोनों दादी-पौती की हत्या करने के जुर्म में वर्ष 2014 में आरोपी को मौत की सजा सुनाई गई थी। ऐसा समझा जा रहा है कि इस अपराध को फिरौती के लिए अंजाम दिया गया था।

पेन्सिलवेनिया डिपार्टमेंट ऑफ करेक्शंस के संचार निदेशक स्यु मैक्नॉघटन ने शुक्रवार को कहा कि हमारे गवर्नर ने कहा कि क्या अदालत को कैदी की सजा पर रोक का आदेश नहीं देना चाहिए, वह सजा पर रोक का आदेश जारी करेंगे। मैं आपको बताना चाहता हूं कि सजा होने की संभावना बहुत कम है। मैक्नॉघटन ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘हां, वह इसके बारे में जानता है। यहां तक कि आधिकारिक दस्तावेज उसके सामने ही पढ़ा गया था।’जहरीले इंजेक्शन से मिलनी है मौत
विभाग ने गत सप्ताह सजा के आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इसके अनुसार यंदामुरी को 23 फरवरी को जानलेवा इंजेक्शन के जरिए मौत की सजा दी जाएगी। मगर आपको बता दें कि पेन्सिलवेनिया में करीब 20 वर्षों से किसी को भी मौत की सजा नहीं दी गई, लेकिन इस बार अगर मृत्युदंड दिया गया तो अमेरिका में किसी भारतीय मूल के व्यक्ति को पहली बार मौत की सजा दी जाएगी।