रूस-यूक्रेन युद्ध: पोलैंड की सीमा पर पहुंचे लीव और टर्नोपिल में फंसे भारतीय

March 2nd, 2022

हाईलाइट

  • भारतीय नागरिक पोलैंड के जेस्जोव शहर स्थित प्रेजिडेंस्की होटल में जायें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय दूतावास ने यूक्रेन के पश्चिमी इलाकों लीव और टर्नोपिल में फंसे भारतीय नागरिकों को पोलैंड की सीमा चौकी पर पहुंचने का परामर्श जारी किया है। बुधवार को जारी इस नये परामर्श के अनुसार यूक्रेन के लीव और टर्नोपिल के अलावा अन्य पश्चिमी इलाकों में फंसे भारतीय भी पोलैंड की बुडोमिर्ज सीमा चौकी पर पहुंचे। भारतीयों को कहा गया है कि इस सीमा चौकी के जरिये पोलैंड में उनका घुसना अधिक आसान होगा।

दूतावास ने साथ ही चेतावनी दी है कि पश्चिमी इलाकों में फंसे भारतीय शेह्यनी-मेदिका सीमा चौकी की ओर न जायें क्योंकि वहां बहुत भीड़ लगी है। मेदिका और बुडोमिर्ज सीमा चौकी पर भारतीय दूतावास के अधिकारी तैनात हैं, जो भारतीय नागरिकों को सुरक्षित भारत पहुंचायेंगे। इसके अलावा अगर भारतीय नागरिक हंगरी और रोमानिया के रास्ते निकलना चाहते हैं तो दक्षिण की ओर जायें।

भारतीय नागरिकों को कहा गया है कि अगर वे किसी और सीमा चौकी से पोलैंड जाने की योजना बना रहे हैं , जहां भारतीय अधिकारी तैनात नहीं हैं तो वे सीधे पोलैंड के जेस्जोव शहर स्थित प्रेजिडेंस्की होटल में जायें। होटल में उनके ठहरने और खाने का पूरा प्रबंध है और वहां से ऑपरेशन गंगा के तहत विशेष विमान नियमित रूप से भारत जा रहे हैं।

दूतावास ने यह स्पष्ट किया है कि अगर किसी नागरिक के पास रुपये नहीं हैं तो उनकी यात्रा का पूरा खर्च दूतावास उठायेगा। होटल में भारतीय नागरिकों का ठहरना-खाना पूरी तरह निशुल्क है। इसी बीच यहां विदेश मंत्रालय ने बताया कि यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को लाने की प्रक्रिया बहुत तेज कर दी गयी है। अगले तीन दिन में कुल 26 विमान वहां से भारतीयों को लेकर वापस आयेंगे। भारतीय वायु सेना का परिवहन विमान सी17 ग्लोबमास्टर और एक सी17 विमान पोलैंड के शहर जेस्जो के लिये राहत सामग्री के साथ बुधवार की सुबह उड़ान भर चुका है और दो अन्य विमान दोपहर में उड़ान भरेंगे।

मंत्रालय ने साथ ही यह बताया कि चार केंद्रीय मंत्रियों को पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और रोमानिया भेजे जाने से नागरिकों को वापस लाने का अभियान तेज हुआ है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, जनरल वी के सिंह, किरेन रिजुजू और ज्योतिरादित्य सिंधिया हंगरी के बुडापेस्ट, पोलैंड के जेस्जोव, स्लोवाकिया के ब्रातिस्लावा और रोमानिया के बुखारेस्ट गये हैं और वे वहां की सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर रहे हैं।

(आईएएनएस)

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