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फिर इस आतंकी संगठन ने बहाया दर्जनों लोगों का खून, सेना की नाक में दम किए हुए हैं ये लोग 

फिर इस आतंकी संगठन ने बहाया दर्जनों लोगों का खून, सेना की नाक में दम किए हुए हैं ये लोग 

हाईलाइट

  • सेना के ठिकानों पर घुसपैठ के प्रयास के बाद झड़प
  • 21 विद्रोहियों को मार गिराया
  • पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया।

डिजिटल डेस्क ( भोपाल)।  यमन के होदिदाह शहर में यमनी सेना और हाउती मिलिशिया के बीच झड़प में कम से कम 23 लड़ाकों की मौत हो गई। स्थानीय सरकारी सैन्य सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्र ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ को बताया, बंदरगाह शहर के दक्षिणी हिस्से के अल-दुरहिमी जिले के मुक्त क्षेत्रों में सेना के ठिकानों पर घुसपैठ के प्रयास के बाद झड़प हुई, लेकिन सेना ने करीब 21 विद्रोहियों को मार गिराया और उन्हें पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया।

उन्होंने कहा कि लड़ाई में दो सैनिक मारे गए। बंदरगाह शहर का एक हिस्सा हाउतियों के नियंत्रण में है, जबकि सरकारी बल ने दक्षिणी और पूर्वी बाहरी इलाके में बढ़त बनाई है।

इससे पहले साल 2021 की शुरुआत में यमन के ईरान समर्थित हाउती मिलिशिया ने कहा था कि उन्होंने 2020 में सऊदी अरब के सीमावर्ती शहरों में 75 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, एक बयान में, समूह के सैन्य प्रवक्ता याहया सराया ने कहा कि मिलिशिया ने पिछले वर्ष 2020 में सरकारी सैन्य स्थलों को लक्ष्य करके यमनी शहरों में अन्य 178 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। 

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्ष मिलिशिया ने सऊदी अरब पर 267 बम से लदे ड्रोन हमले और यमनी शहरों के अंदर यमनी सरकार पर 180 अन्य ड्रोन हमले किए। पिछले साल, हाउती मिलिशिया ने सऊदी अरब पर सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों को भी तेज कर दिया था, लेकिन सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के बयानों के अनुसार अधिकांश हमलों को रोक दिया गया था। विद्रोही समूह ने पिछले साल यमनी सरकार के कब्जे वाले शहरों पर हमले तेज कर दिए, जिसमें सरकार के बयानों के मुताबिक सैकड़ों लोग मारे गए और घायल हुए। 

कौन है हाउती मिलिशिया... 

हाउती एक इस्लामिक राजनीतिक और आतंकी संगठन है जो 1990 के दशक में उत्तरी यमन से उभरा था। इसकी अपनी एक सेना है। 2004 से हाउती विद्रोहियों ने लगातार यमन सरकार के साथ युद्ध किया है। पहले छह वर्षों में, हाउती ने अपने प्रांतों में गुरिल्ला युद्ध लड़ा, लेकिन 2010 के बाद, वे सबसे शक्तिशाली सैन्य आर्मी बन गए और इसने यमन के तीन सबसे बड़े शहरों पर कब्जा कर रखा है। देखते ही देखते इस आतंकी संगठन ने उन्नत हथियारों को अपने नियंत्रण में ले लिया, जिन्हें उन्होंने पहले कभी नियंत्रित नहीं किया था। अब सैकड़ों ईरानी मूल के लोग इस संगठन में शामिल हैं और यह लगातार साऊदी अरब पर हमला करते रहते हैं। साऊदी अरब सिर्फ तेल के कुओं के लिए बिख्यात है और वह इस तरह के संगठनों से बचने के लिए अमेरिका की मदद समय-समय पर लेता रहता है। बम से हमले में कई तेल के कुओं में भीषण आग भी लग चुकी हैं और लगातार यह आतंकी संगठन साऊदी अरब की नाक में दम किए हुए है। 

हाउती विद्रोहियों ने ही यमन की राजधानी सना में देश के पूर्व राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह की हत्या कर दी थी।  उल्लेखनीय है कि इसके बाद सियासी खींचतान और अस्थिरता के बीच 2015 में यमन में गृहयुद्ध शुरू हुआ। सालेह के बाद राष्ट्रपति बने अब्दरब्बू मंसूर हादी को देश छोड़कर सऊदी अरब भागना पड़ा। सऊदी अरब समर्थक देश यमन में हाउती विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। (इनपुट आईएएनएस)

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।