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लंदन : तीसरे बच्चे की Christening ceremony में कुछ इस अंदाज में नजर आईं केट

July 10th, 2018 21:09 IST
लंदन : तीसरे बच्चे की Christening ceremony में कुछ इस अंदाज में नजर आईं केट

हाईलाइट

  • लंदन में St. James पैलेस के चैपल रॉयल में प्रिंस लुईस के नामकरण समारोह का आयोजन किया गया।
  • प्रिंस लुई आर्थर चार्ल्स प्रिंस विलियम और केट मिडलटन की तीसरी संतान है।
  • केट मिडलटन ने 23 अप्रैल 2018 को बेटे को लुई आर्थर चार्ल्स जन्म दिया।

डिजिटल डेस्क, लंदन। लंदन में St. James पैलेस के चैपल रॉयल में सोमवार को प्रिंस विलियम और केट मिडलटन की तीसरी संतान यानी प्रिंस लुईस के नामकरण समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में शाही परिवार के सभी सदस्य शामिल हुए। समारोह में केट मिडलटन ने पति और दो बच्चों के साथ एक शानदार एंट्री ली। केट मिडलटन ने ब्रिटिश डिजाइनर अलेक्जेंडर मेकक्वीन (Alexander McQueen) की ऑफ व्हाइट ड्रैस पहनी थी। वहीं उन्होंने खूबसूरत Jane Taylor हैट पहन रखी थी। अपने लुक को कंप्लीट करने लिए केट ने जिम्मी चू (Jimmy Choo) की न्यूड पंप हील को कैरी किया। 

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प्रिंस विलियम की पत्नी केट मिडलटन ने 23 अप्रैल 2018 को बेटे लुई आर्थर चार्ल्स को जन्म दिया। यह उनकी तीसरी संतान है।

खास बात  तो यह है कि केट ने अपने दोनों बच्चों की christening ceremony में इसी कलर का आउटफिट पहना था। 2013 में प्रिंस जॉर्ज का नामकरण समारोह केट ने क्रीमी एंड सॉफ्ट यैलो रफ्फल ड्रैस पहनी थी। वहीं साल 2015 में प्रिंसेस शार्लोट के नामकरण समारोह में केट व्हाइट कोट ड्रैस में दिखी थी। 

सेरेमनी में केट के बेटे प्रिंस जॉर्ज और उनकी बेटी प्रिंसेज शार्लोट भी बेहद क्यूट लग रही थी। शार्लोट इस बार न्यू हेयरस्टाइल में नजर आईं, उन्होंने ब्लू हेयर बैंड लगाया था और प्रिंटेड फ्रॉक पहनी थी। प्रिंस जॉर्ज ने व्हाइट शर्ट और नी लेंथ पेंट में दिखाई दिए। 

समारोह में रॉयल फैमिली की छोटी बहू डचेस ऑफ ससेक्स मेगन मर्केल हसबैंड प्रिंस हैरी के साथ पहुंची।

मेगन ने लेबल राल्फ लॉरेन की ऑलिव ग्रीन ड्रेस पहनी और उसी के साथ मैचिंग Manolo Blahnik stilettos पंप हील और खूबसूरत हैट ट्राई की, जिसमें मेगन काफी गॉर्जियस लग रही थी। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।