भारत फिर बना संकटमोचन: कोरोनाकाल में अफगानिस्तान की मदद के लिए फिर आगे आया दोस्त भारत, अफगानिस्तान को दी दो टन वैक्सीन की सौगात

January 7th, 2022

हाईलाइट

  • कोरोना वैक्सीन की 10 लाख डोज भेजी जानी है।
  • भारत ने पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान को 1.6 टन खाद्यान्न भेजा था।

डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली।  विश्व के कई देशों में कोरोना तेजी से फैल रहा है । भारत भी कोरोना महामारी के दौर से गुजर रहा है। लेकिन इसी बीच मानवीय सहायता के रूप में भारत सबसे प्रथम पंक्ति पर खड़ा है। भारत ने फिर एक बार बड़ा दिल दिखाया है। और दिखा दिया है कि भारत अपने मित्र  देशों की बेहतरी के लिए हर समय उनके साथ खड़ा है। 

आपको बता दें भारत ने आज अपने पड़ोसी देश अफगनिस्तान को मानवीय सहायता के रूप में दो टन जीवन रक्षक दवाओं से लैस चिकित्सकीय सहायता के तीसरे बैच की सप्लाई भेजी है। जो यह दिखाता है कि भारत अपने देश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत तो कर ही रहा है। साथ ही भारत संकट में पड़े देशों को मदद करने में भी पीछे नहीं है। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार भारत द्वारा की गई मदद को इंदिरा गांधी अस्पताल काबुल को हैंडोवर कर दिया गया है। 

पहले भी भेजी गई कोरोना वैक्सीन की खेप 
ऐसा नहीं कि भारत सरकार मे इस तरह की मदद पहली बार की है। भारत सरकार ने अफगानिस्तान को इससे पहले भी कोरोना वैक्सीन की 5 लाख डोज दी थीं। एंटी कोरोना कोवैक्सीन की 5 लाख डोजों सहायता की खेप काबुल भेजी गई थी। जिसकी जानकारी भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से गई थी। 

अफगानिस्तान में संकट 
अफगानिस्तान कोरोना महामारी के साथ ही कई संकटो से जूझ रहा है। लेकिन भारत सरकार कह रही है कि अफगानिस्ताोन को भारत मानवीय सहायता देने के लिए लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही सकार ने यह भी स्पष्ठ किया कि अफगानिस्तान को मानवीय सहायता के रूप में कोरोना वैक्सीन की 10 लाख डोज भेजी जानी है। 

यहां भी मददगार भारत
अफगानिस्तान खाद्यान्न की समस्या से भी जूझ रहा है। भारत सरकार अफगानिस्तान की मदद करने के लिए खाद्यान्न सामाग्री को भेजने का काम कर रहा है। सरकार ने दिसंबर की शुरुआत में WHO के जरिए अफगानिस्तान को 1.6 टन की मदद भेजी थी। जिसे भारत ने  पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान भेजा था।