दैनिक भास्कर हिंदी: FATF की बैठक से पहले पाक का पुराना पैंतरा, मुंबई हमले के मास्टरमाइंड लखवी को लाहौर कोर्ट ने 15 साल की कैद की सजा सुनाई

January 8th, 2021

हाईलाइट

  • जकीउर रहमान लखवी को 15 साल की सजा
  • टेरर फंडिंग मामले में लाहौर अदालत का फैसला
  • मुंबई हमले का मास्टरमाइंड था लखवी

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेशनंस कमांडर आतंकी जकीउर रहमान लखवी को 15 साल कैद की सजा सुनाई गई है। लखवी को टेरर फंडिंग से जुड़े एक मामले में पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने 2 जनवरी को ही गिरफ्तार किया गया था। अब शुक्रवार को लाहौर की एंटी टेररिज्म कोर्ट ने उसकी सजा सुनाई। खास बात यह है कि पाकिस्तान सरकार ने दो महीने पहले लखवी को जेब खर्च के लिए डेढ़ लाख रुपए देने का फैसला लिया था। इसके लिए उसने UN से मंजूरी भी ली थी।

लखवी पर एक दवाखाना के लिए जुटाए गए धन का इस्तेमाल टेरर फंडिंग में करने का आरोप था। उसने और उसके साथियों ने इस दवाखाने से एकत्रित धन का इस्तेमाल आतंकवाद के वित्तपोषण में किया। उसने इस धन का इस्तेमाल निजी खर्च में भी किया। उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र से आतंकवादी घोषित जकीउर रहमान लखवी 2015 से ही मुंबई हमले के मामले में जमानत पर चल रहा था।

FATF की आंखों में धूल झोंकने की साजिश
पाकिस्तान का यह कदम एक बार फिर फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की आंखों में धूल झोंकने की साजिश माना जा सकता है। दरअसल, जनवरी-फरवरी में फाइनेंशियल एक्शन टॉस्क फोर्स (FATF) की बैठक होनी है, ये संस्था देशों को आतंक के खिलाफ लड़ने के लिए पैसा देती है। लंबे वक्त से पाकिस्तान पर यहां ग्रे लिस्ट में है और इस बैठक में पाकिस्तान पर ब्लैक लिस्ट होने का खतरा मंडरा रहा है। अगर वो ब्लैक लिस्ट हो जाता है तो दुनिया की कोई भी वित्तीय संस्था उसे कर्ज नहीं दे सकती। ऐसे में हर बार ऐसा देखा गया है कि बैठक से पहले पाकिस्तान आतंकियों पर शिकंजा कसता आया है।

भारत ने कहा- जब बैठक होनी होती है, पाकिस्तान यही करता है
भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि जब भी ऐसी अहम बैठकों का वक्त आता है, पाकिस्तान इसी तरह की हास्यास्पद हरकतें करने लगता है ताकि बैन से बच सके। यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी है कि वह पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराए।

लखवी दिसंबर 2008 में घोषित किया गया था वैश्विक आतंकी
लश्कर और अलकायदा से जुड़ा होने और आतंकियों के लिए योजना, सहायता मुहैया कराने और षड्यंत्र रचने के लिए लखवी को संयुक्त राष्ट्र ने दिसंबर 2008 में वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। इसके तहत संपत्ति जब्त करने और यात्रा प्रतिबंध लगाने जैसे प्रावधान हैं। बता दें, जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद के नेतृत्व में लश्कर-ए-तैयबा ने 2008 में मुंबई में आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया था जिसमें छह अमेरिकी नागरिकों समेत 166 लोगों की मौत हो गई थी। अमेरिका ने भी जकीउर रहमान लखवी की गिरफ्तारी का स्वागत किया था।

मसूद अजहर के खिलाफ भी जारी हुआ था वारंट
पाकिस्तान की एंटी टेररिज्म कोर्ट ने गुरुवार को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की चीफ मसूद अजहर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। उस पर भी टेरर फंडिंग का आरोप है। मसूद को कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले में हुए हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है। 14 फरवरी 2019 को जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर हुए इस हमले में 40 जवानों की जान गई थी।

 

खबरें और भी हैं...