दैनिक भास्कर हिंदी: अमेरिका में मुस्लिमों ने की NRC खारिज करने की मांग, टीएमसी मनाएगी BLACK DAY

August 4th, 2018

हाईलाइट

  • IAMC मानता है कि लिस्ट में बड़े पैमाने पर अनियमितता भरती गई है।
  • संगठन ने कहा है कि NRC को तत्काल खारिज किया जाए।
  • IAMC प्रेसिडेंट अहसान खान ने कहा कि यह पक्षपात और भेदभाव वाला एजेंडा है।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (NRC) का विरोध अब विदेशों में भी होने लगा है। भारतीय मूल के अमेरिकी मुस्लिम संगठन ने NRC खारिज करने की मांग की है। संगठन मानता है कि लिस्ट में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गई, इसलिए 40 लाख लोगों का पंजीकरण नहीं किया गया है। संगठन ने कहा है कि NRC को तत्काल खारिज किया जाए। दूसरी तरफ NRC का विरोध कर रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने विरोध स्वरूप शनिवार और रविवार को BLACK DAY मनाने का फैसला किया है।

अमेरिका में इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (IAMC) नामक भारतीय मूल का मुस्लिम संगठन है। IAMC ने कहा कि NRC का सबसे ज्यादा प्रभाव असम में रहने वाले बांग्ला भाषी मुसलमानों पर पड़ा है। इन भारतीय नागरिकों पर घुसपैठिया होने का आरोप लगाया जाता है। संगठन ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के रिश्तेदार का उदाहरण भी पेश किया। बता दें कि पूर्व राषट्रपति के भतीजे का नाम भी NRC में शामिल नहीं किया गया है। IAMC प्रेसिडेंट अहसान खान ने कहा कि यह पक्षपात और भेदभाव वाला एजेंडा है। लोकतंत्र को नष्ट करने की कोशिश की जा रही है।

 


नेताओं को रोकने से खफा टीएमसी
पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री और टीएमसी के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि राज्य के हर जिले और प्रखंड में शनिवार और रविवार को पार्टी BLACK DAY मनाएगी। चटर्जी ने असम के सिलचर एयरपोर्ट पर टीएमसी नेताओं को रोकने की निंदा की। बता दें कि सिलचर हवाई अड्डे पर टीएमसी के 6 सांसदों और 2 विधायकों को हिरासत में लिया गया था। टीएमसी ने जिला इकाइयों को काली पट्टी पहनकर रैली आयोजित करने को कहा है।

 


कार्रवाई की बात को खारिज कर चुके हैं राजनाथ
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा था कि विपक्ष बेवजह NRC को लेकर डर और आतंक का माहौल बना रहा है। संसद में शुक्रवार को राजनाथ ने कहा था कि NRC का ड्राफ्ट सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत बनाया गया है। नियमानुसार जिनके नाम इसमें शामिल नहीं किए गए हैं, उन पर अभी कोई कार्रवाई नहीं होनी है। सभी लोगों के पास अपने दावे और आपत्ति पेश करने का पर्याप्त समय है।  राजनाथ ने कहा, 'इस मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देकर राजनीतिक दल अपना स्वार्थ साध रहे हैं। सदन में राजनाथ ने कहा कि NRC की प्रक्रिया निष्पक्ष है। इसमें किसी के साथ कोई भेदभाव न किया गया है और न किया जाएगा।