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बिलावल-शरीफ ने मिलाया हाथ, इमरान को पीएम बनने से रोक पाएंगे ?

August 03rd, 2018 14:03 IST
बिलावल-शरीफ ने मिलाया हाथ, इमरान को पीएम बनने से रोक पाएंगे ?

हाईलाइट

  • इमरान को रोकने विपक्ष एकजुट।
  • भुट्टो और शरीफ ने मिलाया हाथ।
  • शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं भारत के पूर्व क्रिकेटर।

डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। पाकिस्तान में चुनाव के नतीजे आने के बाद भी सियासी हलचल थमने का नाम नही ले रही है। एक तरफ इमरान खान पीएम बनने की तमाम तैयारियां कर चुके हैं तो वहीं विपक्ष अब भी सत्ता हथियाने की कोशिशों में जुटा हुआ है। इमरान खान को कुर्सी तक पहुंचने से रोकने के लिए नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग और बिलावल भुट्टो की पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने हाथ मिला लिया है। इमरान के खिलाफ सदन में अब 8 दल एकजुट हो गए हैं, जिसके चलते इमरान की मुसीबतें बढ़ती हुई नज़र आ रही हैं। विपक्षी दल मिलकर इमरान के खिलाफ पीएम उम्मीदवार खड़ा करने की तैयारी में हैं। विपक्ष का पीएम उम्मीदवार नवाज शरीफ की पार्टी से ही होगा।

निर्दलियों के भरोसे इमरान
इमरान खान बहुमत के आंकड़े को पाने के लिए यह कोशिश कर रहे  हैं कि छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को जोड़ा जाए ताकि विपक्षी गठबंधन से उन्हे नुकसान न हो। वहीं विपक्ष के नेता इमरान को  रोकने के लिए साथ आ चुके हैं। इमरान ने भले ही शपथ ग्रहण की तैयारियां शुरू कर दी है, लेकिन बहुमत साबित करने का टेस्ट अभी बाकी है। इमरान को बैकफुट पर लाने के के लिए भुट्टो और शरीफ की पार्टी एक साथ आ गई है।

ऐसा है सीटों का गणित
पाक में कुल 272 सीट पर चुनाव हुए,सरकार बनाने के लिए 137 सीटें जरूरी हैं। इमरान खान की पार्टी को 116 सीटें मिली हैं। निर्दलीय 8 उम्मीदवार जीते हैं, अवामी मुस्लिम लीग 1, PMLQ 4, बलूचिस्तान अवामी पार्टी 4, ग्रैंड डेमोक्रेटिक एलायंस 2 और MQM(P) के हिस्से 6 सीटें आई हैं। ये पार्टियां इमरान खान के साथ हैं।
 


विपक्ष ने मिलाया हाथ
वहीं विपक्षी गठबंधन की बात की जाए तो नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएलएन 64, पीपीपी 43, एमएमए 12, एएनपी 1 और पांच निर्दलीय मिलाकर यह पूरा आंकड़ा 125 तक पहुंच रहा है। इमरान के पास अपनी 4 सीटें छोड़ने के बाद भी सहयोगी पार्टियों की मदद से बहुमत से ज्यादा सीटें हैं जिसके चलते वो सरकार बना सकते हैं।

इमरान के खिलाफ खेल चुके ये दिग्गज अब जाएंगे पाक
इमरान खान का शपथ ग्रहण 11 अगस्त को होना है जिसमे किसी भी विदेशी मेहमान को नहीं बुलाया गया है। वहीं पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों को इमरान खान ने खुद न्यौता भेजा है। आमंत्रित मेहमानों में कपिल देव, सुनील गावस्कर, नवजोत सिंह सिद्धू जैसे क्रिकेट के दिग्गज पाक पहुंच सकते हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।