दैनिक भास्कर हिंदी: नवाज शरीफ की हालत बेहद गंभीर, मेडिकल ग्राउंड पर मिली जमानत

October 29th, 2019

हाईलाइट

  • इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड पर नवाज शरीफ को दी जमानत
  • डॉक्टरों ने जताई नवाज को खो देने की आशंका
  • नवाज के लिए अगले 36 घंटे बेहद अहम : मेडिकल बोर्ड

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अल-अजीजिया स्टील मिल भ्रष्टाचार मामले में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने आज (मंगलवार) 8 हफ्ते की जमानत दे दी है। उन्हें मेडिकल ग्राउंड पर जमानत दी गई है। यह जमानत याचिका उनके भाई शहबाज शरीफ ने दायर की थी। इससे पहले भी चौधरी शुगर मिल मामले में लाहौर हाईकोर्ट 25 अक्टूबर को नवाज शरीफ को जमानत दे चुका है। मामले की सुनवाई के दौरान नवाज के निजी चिकित्सक ने कोर्ट को बताया कि नवाज शरीफ की हालत इतनी नाजुक है कि हम उन्हें खो भी सकते हैं।

 

 

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चिकित्सकों से नवाज के स्वास्थ्य के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि 'नवाज को 24 घंटे मेडिकल निगरानी की जरूरत है। उनकी हालत बेहद गंभीर है। तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी प्लेटलेट्स में इजाफा नहीं हो रहा है। उन्हें दिल का दौरा भी पड़ चुका है।' बता दें कि यह सभी चिकित्सक उस बोर्ड के सदस्य हैं जो शरीफ का इलाज कर रहे हैं।

कोर्ट में नवाज के निजी चिकित्सक डॉक्टर अदनान खान भी मौजूद थे जिन्होंने कहा कि 'उन्होंने नवाज शरीफ की हालत इतनी गंभीर कभी भी नहीं देखी, लेकिन अब अस्पताल में होने के बावजूद भी उनकी जान को खतरा है। इस बात का डर है कि कहीं हम नवाज शरीफ को खो ना दें।'

वहीं नवाज के वकील ख्वाजा हारिस ने भी कहा कि 'नवाज को एक छत के नीचे सभी मेडिकल सुविधाएं मिलनी जरूरी हैं। हमें डॉक्टरों की नियत या काबिलियत पर शक नहीं है, लेकिन खुद मेडिकल बोर्ड नतीजों से संतुष्ट नहीं है। यदि उन्हें (नवाज को) मिली सजा पर अमल कराना ही है तो भी इसके लिए उनका स्वस्थ होना जरूरी है। उन्हें अपनी मर्जी के डॉक्टरों से इलाज कराने की इजाजत मिलनी चाहिए।

साथ ही मेडिकल बोर्ड के चीफ ने सोमवार रात बताया कि नवाज के लिए अगले 36 घंटे महत्वपूर्ण हैं। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डॉक्टरों ने उन्हें इलाज के लिए विदेश ले जाने की मंजूरी देने से भी इनकार कर दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी हालत में शरीफ को डिस्चार्ज करना खतरनाक हो सकता है।