comScore

पाकिस्तान : कारोबारी परेशान, कंटेनर मार्च रोकने में लगे, सामान किसमें निर्यात करें!

October 25th, 2019 18:30 IST
 पाकिस्तान : कारोबारी परेशान, कंटेनर मार्च रोकने में लगे, सामान किसमें निर्यात करें!

हाईलाइट

  • पाकिस्तान : कारोबारी परेशान, कंटेनर मार्च रोकने में लगे, सामान किसमें निर्यात करें!

लाहौर, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान में कारोबारी एक विचित्र प्रकार की समस्या से जूझ रहे हैं। उनकी दिक्कत यह है कि जिन कंटेनरों में भरकर वह अपना सामान निर्यात करते हैं, उन पर सरकार ने कब्जा कर उन्हें आजादी मार्च रोकने में लगा दिया है। अब दिक्कत यह है कि वे सामान किसमें भेजें। उनका कहना है कि पहले ही से खस्ताहाल अर्थव्यवस्था के लिए यह एक और झटके से कम नहीं है और इसका विपरीत असर निर्यात पर पड़ा है।

पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, जमीयते उलेमाए इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के अजादी मार्च को रोकने के लिए इमरान सरकार ने करीब चार हजार कंटेनरों को अपने कब्जे में ले लिया है। इन कंटेनरों से मूल रूप से सामान विदेश भेजा जाता है।

पाकिस्तान में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कंटेनरों की दीवार खड़ी कर दी जाती है। इनका इस्तेमाल होता रहा है लेकिन इस बार जिस बड़े पैमाने पर कंटेनरों को सरकार ने जब्त किया है, वह अभूतपूर्व है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि एक हफ्ता पहले से ही इन्हें सरकार ने अपने कब्जे में लेना शुरू कर दिया जिससे सामानों के निर्यात पर असर पड़ा है।

कारोबारियों का कहना है कि खरीदार सामान तय तिथि पर चाहते हैं। इसमें चूक होने पर ऑर्ड कैंसिल कर दिया जाता है। कंटेनर नहीं होने से समय पर सामान कैसे भेजा जाए।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कारोबारियों ने आरोप लगाया है कि उन कंटेनरों को भी जब्त कर लिया गया जिनमें उनका सामान लोड था।

पाकिस्तान के एफएमसीजी एसोसिएशन के वाइस चेयरमैन तनवीर एजाज ने कहा, खुदरा व्यापारी और बड़े कारोबारी नाराज हैं क्योंकि जो थोड़ा बहुत कारोबार देश में बचा भी था, उसे भी कंटेनरों की जब्ती के जरिए तबाह किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, विभिन्न जिला प्रशासनों द्वारा जब्त कर लिए गए अधिकांश कंटेनरों में खाने वाली या ऐसी ही चीजें हैं जो नष्ट हो जाने वाली हैं। कुछ में केमिकल है जिनमें विस्फोट की आशंका है। हमने संबंधित अधिकारियों से यह बातें बताईं लेकिन उन्होंने इसे अनसुना कर दिया।

कारोबारियों का कहना है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का बुरा हाल है। राजस्व बढ़ाने के लिए निर्यात को बढ़ावा देने की जरूरत है। लेकिन, ऐसी अवरोध पैदा करने वाली बातों से देश की छवि पर उन देशों में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है जो पाकिस्तान से सामान आयात करते हैं।

कमेंट करें
InODu
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।