comScore

पाकिस्तान: फांसी के तख्ते से बचे मुशर्रफ, विशेष अदालत असंवैधानिक करार

पाकिस्तान: फांसी के तख्ते से बचे मुशर्रफ, विशेष अदालत असंवैधानिक करार

हाईलाइट

  • फांसी की सजा से बचे पूर्व सैन्य शासक मुशर्रफ
  • लाहौर कोर्ट ने विशेष अदालत को असंवैधानिक करार दिया
  • आपातकाल लगाने के आरोप में चलाया गया था मुकदमा

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक जनरल परवेज मुशर्रफ को फांसी की सजा सुनाने वाली विशेष अदालत को  लाहौर हाईकोर्ट ने असंवैधानिक करार दे दिया गया है। यह फैसला लाहौर हाईकोर्ट ने मुशर्रफ द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया। इस याचिका में उन्होंने मौत की सजा को चुनौती देते हुए विशेष अदालत के गठन पर सवाल उठाए थे।

लाहौर अदालत ने कहा कि, पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा कानून के मुताबिक नहीं चलाया गया। मुशर्रफ ने अपनी याचिका में कहा था कि, वह संविधान के प्रावधानों के खिलाफ होने के कारण विशेष अदालत के फैसले को रद्द किया जाए और अवैध- असंवैधानिक करार दिया जाए। न्यायमूर्ति सैयद मजहर अली अकबर नकवी, न्यायमूर्ति मोहम्मद अमीर भट्टी और न्यायमूर्ति मसूद जहांगीर ने मुशर्रफ की याचिका की सुनवाई की।

अदालत के पूर्व के आदेश के तहत अतिरिक्त महान्यायवादी इश्तियाक ए खान ने संघीय सरकार की तरफ से सोमवार को पेश होते हुए विशेष अदालत के गठन से संबंधित रिकॉर्ड पेश किए। उन्होंने बताया कि मुशर्रफ के खिलाफ मामला चलाया जाना कभी किसी कैबिनेट की बैठक के एजेंडे में नहीं रहा। उन्होंने कहा, यह एक सच्चाई है कि मुशर्रफ के खिलाफ मामला सुनने के लिए विशेष अदालत का गठन कैबिनेट की मंजूरी के बिना किया गया।

इस पर अदालत ने एडिशनल अटॉर्नी जनरल से पूछा, तो मतलब यह कि आपकी भी राय वही है जो मुशर्रफ की है? जवाब में एडिशनल अटॉर्नी जनरल ने कहा, सर, मैं तो बस रिकार्ड में जो है, वो बता रहा हूं। पीठ ने इस पर भी विचार किया कि क्या आपातकाल लगाने को संविधान को निलंबित किया माना जाना चाहिए। इस मुद्दे पर न्यायमूर्ति नकवी ने टिप्पणी की, आपातकाल संविधान का एक हिस्सा है। इस बारे में अतिरिक्त महान्यायवादी ने भी कहा कि आपातकाल लगाया जाना संविधान के तहत था।

17 दिसंबर को सुनाई थी फांसी की सजा
दरअसल, साल 2013 में तत्कालीन पाकिस्तानी मुस्लिम लीग (नवाज) सरकार के द्वारा यह मामला दायर किया गया था। इस मामले में अदालत ने पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 6 के तहत देश में आपातकाल लगाने के मामले में दोषी पाया था। यह आपातकाल मुशर्रफ ने साल 2007 में लगाया था, जिसके इस मामले में विशेष अदालत ने 17 दिसंबर 2019 को पूर्व राष्ट्रपति परेवज मुशर्रफ को फांसी की सुनाई थी।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी सरकार ने मुशर्रफ को दी गई मौत की सजा पर ऐतराज जताया था। मुशर्रफ पर संविधान के प्रावधान से परे जाकर नवंबर 2007 में देश में आपातकाल लगाने के आरोप में मुकदमा चलाया गया था।

कमेंट करें
aAk5h