दैनिक भास्कर हिंदी: पाकिस्तान में ताकतवर सेना करती है कारोबार, बेचती है सीमेंट-कपड़े-जमीन और आइसक्रीम

July 28th, 2018

हाईलाइट

  • सेना पर लग रहे हैं चुनाव में इमरान की मदद करने के आरोप।
  • आजाद होने के बाद आधे समय तक पाकिस्तान में रहा है सेना का शासन।
  • जितने अधिकार पाकिस्तानी सेना के पास, उतने और किसी देश में नहीं।

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान के नेशनल असेंबली चुनाव में इमरान खान की जीत पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप लग रहे हैं कि चुनाव में सेना ने इमरान खान की मदद की है। पाकिस्तान में सेना की मर्जी के बिना कोई भी बड़ा फैसला नहीं लिया जाता है। 1947 में पाकिस्तान के आजाद होने के बाद से आधे समय तक देश में सेना का ही शासन रहा है। पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) चीफ इमरान खान को सेना का चहेता माना जा रहा है। सेना को पाकिस्तान में जितने अधिकार हैं, उतने किसी भी देश की सेना को नहीं हैं। पाकिस्तानी सेना राजनीति, इंडस्ट्री, व्यापार, बैंकिंग, रियल स्टेट, फॉरेस्ट सेक्टर और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट में सीधे दखल रखती है।

 

 

सेना प्रॉफिट मेकर कंपनी
पाकिस्तान में ज्यादातर सेक्टर में सेना ही निवेशक है और प्रॉफिट का पूरा हिस्सा सेना के पास जाता है। कराची स्टॉक एक्सचेंज में सेना सबसे बड़ी निवेशक है। बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में सेना का 90 फीसदी हस्तक्षेप है। 

 

 


सबसे बड़ा बैंक सेना के कंट्रोल में
सेना आर्मी वेयलफेर ट्रस्ट नामक एक संगठन चलाती है, जो पाकिस्तान के सबसे बड़े अस्कारी कॉमर्शियल बैंक के फाइनेंस को कंट्रोल करता है। पाकिस्तानी सेना वूलेन मिल्स, फिश फार्म्स, राइस मिल्स, स्टड फार्म्स ग्रोसरी मार्केट और सुपरमार्केट भी चलाती है। जमीन खरीदने से लेकर बेचने तक में सेना की अनुमति जरूरी होती है। सेना का आइसक्रीम का कारोबार भी है।

 

 

ज्यादा खतरनाक होने वाला है पाकिस्तान
पाकिस्तान चुनाव को अलग-अलग देश अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। इमरान खान के पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनने से चीन को फायदा नजर आ रहा है। CIA (अमेरिकी खुफिया एजेंसी) के पूर्व एनालिस्ट ने चेतावनी दी है कि दुनिया का सबसे खतरनाक देश (पाकिस्तान) अब और ज्यादा खतरनाक होने वाला है। पूर्व एनालिस्ट ब्रुस रीडेल ने कहा कि इमरान खान पाकिस्तान की हर समस्या के लिए अमेरिका को दोषी मानते हैं। रीडेल ने इमरान को दक्षिण एशिया में अमेरिका का सबसे बड़ा विरोधी नेता बताया है। खान को सेना की कठपुतली के तौर पर देखा जा रहा है। रीडेल ने कहा कि इमरान ISI के सरंक्षण में इस्लामी मूवमेंट के लिए काम कर रहे हैं। वह यूएस पर पाकिस्तान को इस्तेमाल करने का आरोप लगाते रहते हैं। सेना ने आर्टिकल में लिखा है कि सेना इमरान के प्रतिद्वंद्वियों को धमका रही है। रीडेल ने कहा कि इमरान की पहचान आजादी और स्थिरता के लिए है। उन्हें काबू करना जनरलों के लिए मुश्किल हो सकता है।