दैनिक भास्कर हिंदी: रिपोर्ट में दावा-इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन 540 डिग्री तक घूम गया था, घटना कई ज्यादा गंभीर थी जितना की स्पेस एजेंसियों ने रिपोर्ट किया था

August 3rd, 2021

हाईलाइट

  • इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के ओरिएंटेशन पर से कंट्रोल खोने की घटना कई ज्यादा गंभीर
  • जितना की स्पेस एजेंसी नासा और रॉसकॉसमॉस ने रिपोर्ट किया था
  • एजेंसियों ने कहा था कि स्पेस स्टेशन 45 डिग्री तक घूम गया था

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के ओरिएंटेशन पर से कंट्रोल खोने की घटना कई ज्यादा गंभीर थी जितना की स्पेस एजेंसी नासा और रॉसकॉसमॉस ने रिपोर्ट किया था। एजेंसियों ने कहा था कि गलती से थ्रस्टर्स के फायर होने की वजह से स्पेस स्टेशन 45 डिग्री तक घूम गया था, लेकिन एक नई रिपोर्ट बताती है कि यह उससे कहीं अधिक था। रिपोर्ट के अनुसार, स्पेस स्टेशन अपनी ओरिजिनल पोजिशन में आने से पहले  लगभग 540 डिग्री (करीब डेढ़ चक्कर) तक घूमा था।

द न्यू यॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ह्यूस्टन में नासा के मिशन कंट्रोल सेंटर के फ्लाइट डायरेक्टर ज़ेबुलोन स्कोविल ने कहा कि घटना की सही रिपोर्ट नहीं की गई थी। 540 डिग्री घूमने के बाद स्पेस स्टेशन ने अपने ओरिजिनल ओरिएंटेशन में वापस आने के लिए 180 डिग्री की फॉर्वर्ड फ्लिप भी की थी। स्कोविल ने कहा हमारे पास दो मैसेज थे - कोड की सिर्फ दो लाइन्स - इसमें लिखा था कुछ गलत है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरों ने पहले इसे एक फॉल्स मैसेज समझा और फिर मैंने वीडियो मॉनीटर को देखा और सभी आइस और थ्रस्टर फायरिंग को देखा। इससे पता चला की ये कोई मजाक नहीं है। इसके बाद इस परेशानी को सुलझाने में जुट गए।

इस घटना के बाद स्पेस स्टेशन में मौजू एस्ट्रोनॉट तत्काल कोई खतरे में नहीं थे, लेकिन 900,000 पाउंड के इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के स्ट्रक्चर और उपकरणों पर जोर पड़ा। नासा को स्टेशन के साथ कम्युनिकेट करने के लिए अन्य अतिरिक्त एंटेना को एक्टिव करना पड़ा क्योंकि यह उल्टा हो गया था। एजेंसी ने इस घटना को लेकर स्पेसक्राफ्ट इमरजेंसी घोषित की थी।

क्या है पूरा मामला?
स्पेस स्टेशन ने रूस की नई साइंस लैब नौका के डॉक होने के कुछ ही घंटों बाद गलती से थ्रस्टर्स के फायर होने की वजह से 47 मिनट के लिए अपने ओरिएंटेशन पर से नियंत्रण खो दिया था। सोलर पैनल से बिजलr प्राप्त करने और ग्राउंड कम्युनिकेशन के लिए स्टेशन की पोजिशन काफी महत्वपूर्ण है। ऐसे में ओरिएंटेशन पर से नियंत्रण खोने की वजह से ग्राउंड कंट्रोलर्स के साथ कम्युनिकेशन दो बार कुछ मिनटों के लिए बंद हो गया था।

स्पेस स्टेशन के रशियन सेगमेंट के फ्लाइट डायरेक्टर व्लादिमीर सोलोविओव ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा था फेलियर के कारण लैब के इंजनों को चालू करने का एक डायरेक्ट कमांड गलती से इम्पलीमेंट हो गया था। उन्होंने कहा कि इस घटना को स्टेशन पर एक अन्य रशियन कंपोनेंट के प्रपल्शन सिस्टम ने तुरंत काउंटर किया। फिलहाल स्टेशन अपने नॉर्मल ओरिएंटेशन में हैं और इसके सभी सिस्टम नॉर्मली ऑपरेट हो रहे हैं।

उधर नासा ने बयान जारी करते हुए कहा था कि स्टेशन के ओरिएंटेशन खोने के बावजूद किसी तरह का कोई डैमेज नहीं हुआ। क्रू के लिए भी कोई खतरा नहीं था। वर्तमान में स्पेस स्टेशन को नासा के अंतरिक्ष यात्री मार्क वंदे हेई, शेन किम्ब्रू और मेगन मैकआर्थर;  रूसी स्पेस एजेंसी रॉसकॉसमॉस के ओलेग नोवित्स्की और प्योत्र डबरोव; जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री अकिहिको होशाइड और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री थॉमस पेस्केट ऑपरेट कर रहे हैं।

1998 में रूस ने स्टेशन का पहला कम्पार्टमेंट ज़ार्या लॉन्च किया था। इसके बाद 2000 में एक और बड़ा पीस ज़वेज्दा लॉन्च किया गया। अगले कुछ वर्षों में तीन छोटे मॉड्यूल लॉन्च किए गए। इनमें से अंतिम मॉड्यूल रासवेट 2010 में स्टेशन पर पहुंचा था। वहीं साइंस लैब नौका का लॉन्च 2007 में निर्धारित किया गया था लेकिन टेक्निकल प्रॉबलम के कारण इसका लॉन्च लगातार डिले होता गया और साल 2021 में संभव हो पाया।

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