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आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर दागे 1,600 रॉकेट, डोम डिफेंस सिस्टम ने किए ध्वस्त, देखें वीडियो

May 13th, 2021 16:53 IST
आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर दागे 1,600 रॉकेट, डोम डिफेंस सिस्टम ने किए ध्वस्त, देखें वीडियो

हाईलाइट

  • आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर दागे 1,600 रॉकेट,
  • इजरायल के डोम डिफेंस सिस्टम ने सब रॉकेट किए ध्वस्त

डिजिटल डेस्क, तेल अवीव। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के खिलाफ जंग जारी है, मगर एक जंग और है जो इजराइल और फलस्तीन के बीच चल रहा है। इजराइल और फलस्‍तीन के बीच जारी यह खूनी खेल अब जंग का रूप लेता जा रहा है और इसमें दोनों ओर से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। फिलिस्तीनी आतंकवादियों ने इस सप्ताह शुरू हुई लड़ाई के बाद अब तक गाजा से इजरायल पर 1,600 से अधिक रॉकेट दागे हैं। इजरायल की सेना ने गुरुवार को यह जानकारी दी। डीपीए न्यूज एजेंसी ने सैन्य प्रवक्ता जोनाथन कॉनरिकस के हवाले से यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इजरायल के आयरन डोम हवाई रक्षा प्रणाली की सफलता की दर लगभग 90 प्रतिशत दर्ज की गई है। यानी इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम करीब 90 प्रतिशत रॉकेट को हवा में ध्वस्त करने में सक्षम रहा है।

सोमवार को रॉकेट गिरने से इजरायल में सात लोगों की मौत हो गई, जिसमें छह नागरिक और एक सैनिक शामिल हैं। इजरायल की सेना ने गाजा पट्टी में लगभग 600 ठिकानों पर हमला किया है, जिसमें रॉकेट उत्पादन और भंडारण सुविधाएं शामिल हैं। सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि एक सुरंग को भी लक्षित किया गया है। उन्होंने कहा कि इसे लड़ाकों को छिपाने के लिए आंशिक रूप से इस्तेमाल किया जा रहा था इसे एक आबादी वाले क्षेत्र में एक स्कूल में बनाया गया था। फिलिस्तीनी आतंकवादियों के पास कितने शस्त्रगृह (शस्त्रागार) हैं, इस पर सैन्य प्रवक्ता ने ठोस जवाब नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि उनके पास यह बहुत बड़ी मात्रा है और अभी भी काफी मात्रा में बचे हैं। इजरायल ने गाजा पट्टी के किसी भी हमले के लिए इस्लामिक हमास और गाजा पट्टी के शासकों को दोषी ठहराया। हमास समूह को इजरायल के साथ ही यूरोपीय संघ द्वारा एक आतंकवादी संगठन के रूप में वगीकृत किया गया है। पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि रात भर चल रहे हमलों के दौरान, तेल अवीव के पास पेटाह टिकवा शहर पर सीधा प्रहार किया गया, जिसमें पांच लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। इजरायली सेना ने कहा कि उसके लड़ाकू विमानों ने रातोंरात हमास के मुख्य बैंक, उसके नौसैनिक बल के एक दस्ते और खुफिया तंत्र पर हमला किया।

पिछले कई दिनों से जारी हिंसा में दर्जनों मारे जा चुके हैं, जिनमें से अधिकांश गाजा से हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने लड़ाई को रोकने का आह्वान किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बुधवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बात की हमास और अन्य समूहों द्वारा रॉकेट हमलों की निंदा की। बाइडेन ने इजरायल के लोगों की सुरक्षा के साथ इजरायल के वैध अधिकारों को लेकर अपना समर्थन व्यक्त किया। बाद में, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से बात की और तनाव को कम करने की आवश्यकता पर बल दिया। अब्बास फिलिस्तीन लिबरेशन संगठन के प्रमुख है, जिसमें हमास शामिल नहीं है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।