खालिस्तान की हिमाकत: आंदोलन कर रहे किसानों को खालिस्तान ने दिया बड़ा लालच, झंडा फहराने पर करोड़ों के इनाम का ऐलान

November 22nd, 2021

हाईलाइट

  • किसानों का संसद घेराव

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस के नेताओं ने आंदोलनरत किसानों को संसद में खालिस्तानी झंडा लहराने का लालच दिया है। आपको बता दें खालिस्तानी संगठन समय समय पर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देता रहता है। वह इस बार भी अपनी गतिविधियों से बाज नहीं आ रहा है। संगठन ऐसी हरकत कर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार दिवस के 10 दिसंबर को जिनेवा में होने वाले आयोजन से पहले अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए कर रहे हैं।  

जिनेवा से जारी एक वीडियो संदेश में सिख फॉर जस्टिस के काउंसलर गुरपतवंत सिंह पन्नू  ने कहा है जब भगत सिंह ने भारत की आजादी के अभियान के दौरान संसद पर बमबारी की थी तो हम तो केवल किसानों से पंजाब की आजादी के लिए खालिस्तान के झंडे उठाने के लिए कह रहे हैं।

संगठन के नेताओं ने पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने के ऐलान के बाद किसान नेताओं को शीतकालीन सत्र की शुरुआत के दिन संसद का घेराव करने के साथ उन्हें देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने का लालच भी दिया है।  भारत की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर डटे कुछ किसान नेताओं से संगठन ने  देग-तेग फतेह रैली  निकालने का आह्वान किया है। 

आतंकवादियों जैसी गतिविधियों को अंजाम देने वाले इस संगठन ने 29 नवंबर 2021 को  भारतीय संसद में खालिस्तान झंडा फहराने के लिए 125,000 अमेरिकी डॉलर यानी करीब एक करोड़ रुपये देने का लालच भरा ऑफर दिया है।

वहीं दूसरी तरफ संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र लिखकर कई महीनों से सरकार और किसानों के बीच बंद पड़ी बातचीत आगे बढ़ाने  के लिए  छह शर्तें रखी हैं। 

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