दैनिक भास्कर हिंदी: Corona Vaccine: अमेरिका में मॉडर्ना की वैक्सीन को अप्रूवल मिला, डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर दी जानकारी

December 18th, 2020

हाईलाइट

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मॉडर्ना वैक्सीन के अप्रूवल की घोषणा की
  • इसे तुरंत शिप कर दिया जाएगा

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि मॉडर्ना वैक्सीन को अप्रूवल मिल गया है और इसका तुरंत डिस्ट्रीब्यूशन शुरू किया जाएगा। हालांकि यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने अभी तक अपने फैसले के बारे में सार्वजनिक घोषणा नहीं कि है। बता दें कि इससे पहले फ़ाइज़र/ बायोएनटेक की कोरोना वैक्सीन के इमजेंसी इस्तेमाल का अप्रूवल दिया था। न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड जेविश मेडिकल सेंटर में आईसीयू की नर्स सैंड्रा लिंडसे को कोरोना का सबसे पहले टीका लगाया गया।

 

 

बता दें कि दुनिया में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका है। अब तक करीब 3 लाख लोग कोरोना संक्रमण से अपनी जान गंवा चुके हैं। इस महामारी से अकेले न्यूयॉर्क में 35,000 से अधिक लोग मारे गए हैं और अर्थव्यवस्था को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा है। ऐसे में वैक्सीनेशन का शुरू होना इस देश के लिए राहत भरी खबर है। रविवार को कोरोनोवायरस वैक्सीन की लगभग 30 लाख डोज़ अमेरिका के 50 राज्यों में कई जगहों पर पहुंचाने के लिए ट्रक और कार्गो विमानों से भेजा गया। कोरोना वैक्सीन के डिस्ट्रीब्यूशन की देखरेख कर रहे जनरल गुस्ताव पर्ना ने कहा कि वैक्सीन की पहली खेप इस सप्ताह के अंत तक सभी राज्यों में पहुंचाई जाएगी।

फ़ाइज़र की कोरोना वैक्सीन को ब्रिटेन, कनाडा, बहरीन और सऊदी अरब में अप्रूवल मिल चुका है। इन्हीं देशों की तरह अमेरिका में भी वैक्सीन के लिए पहले हेल्थ वर्कर्स और केयर होम में रहने वालों को प्राथमिकता दी जा रही है। प्राथमिकता वाले समूह से अलग बाकी अमेरिकियों को जनवरी में वैक्सीन मिल सकेगी। माना जा रहा है कि अप्रैल तक वैक्सीन सभी के लिए सुनिश्चित हो सकेगी। फ़ाइज़र वैक्सीन पहली वैक्सीन है जिसने ट्रायल के आख़िरी चरणों में अच्छे नतीजे दिखाए थे। ये एमआरएनए वैक्सीन नई तरह की वैक्सीन है जो वायरस के जेनेटिक कोड के छोटे से हिस्से को लेकर शरीर को कोविड-19 से लड़ना सिखाती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाती है।

वैक्सीन के दो इंजेक्शन 21 दिन के अंतराल पर लगाए जाते हैं और दूसरी डोज़ बूस्टर का काम करती है। पहली डोज़ के बाद ही इम्यूनिटी काम करना शुरू कर देती है लेकिन दूसरी डोज़ दिए जाने के सात दिन बाद ही वैक्सीन अपना पूरा प्रभाव दिखाती है। वैक्सीन को बेहद कम तापमान पर स्टोर किया जाता है और इसकी वजह से इसको बांटना मुश्किल है। फाइज़र का कहना है कि टीकाकरण की जगह तक वैक्सीन को ड्राय आइस के स्पेशल कंटेनर्स में रख कर पहुंचाया जाएगा।

खबरें और भी हैं...